हरियाणा में मौसम बदला, कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक की संभावना, बादलों के कारण चंद्र दर्शन में हो सकती है देरी
Yuva Haryana: करवाचौथ पर आज हरियाणा की महिलाओं को चांद के दीदार के लिए सामान्य से अधिक इंतजार करना पड़ सकता है। प्रदेश में बदले मौसम, आसमान में छाए बादलों और शाम के समय बारिश की संभावना ने व्रत रखने वाली महिलाओं की चिंता बढ़ा दी है। खासकर उत्तरी हरियाणा और चंडीगढ़-पंचकूला क्षेत्र में मौसम का मिजाज चंद्र दर्शन को प्रभावित कर सकता है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को हरियाणा में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है। मौसम में आए इस बदलाव के कारण शाम को आसमान में बादल छाए रह सकते हैं।
चांद निकलने का समय और बादलों की चुनौती
करवाचौथ पर चंद्र दर्शन का समय शहर के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। उपलब्ध पंचांग के अनुसार, गुरुग्राम में चंद्रोदय का अनुमानित समय रात 8:18 बजे, हिसार में लगभग 8:16 बजे और चंडीगढ़ में करीब 8:12 बजे है।
हालांकि, चंद्रोदय का समय होने का अर्थ यह नहीं है कि उसी क्षण चांद दिखाई भी देने लगेगा। यदि चांद और पृथ्वी के बीच बादलों की मोटी परत रही, तो चंद्रमा क्षितिज के ऊपर आने के बावजूद उसके दर्शन नहीं हो पाएंगे। ऐसी स्थिति में महिलाओं को बादलों के छंटने तक इंतजार करना पड़ सकता है।
यह भी संभव है कि एक ही जिले के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की स्थिति अलग हो। किसी स्थान पर बादलों के बीच से चांद दिखाई दे सकता है, जबकि कुछ किलोमीटर दूर रहने वाले लोगों को उसके दर्शन के लिए अधिक समय तक इंतजार करना पड़े।
चांद दिखाई न दे तो क्या करें महिलाएं ?
करवाचौथ पर चांद के दर्शन के बाद व्रत खोलने की परंपरा है। लेकिन यदि बादलों के कारण चांद दिखाई न दे, तो महिलाओं के सामने सवाल होगा कि वे व्रत कैसे खोलें। ऐसी स्थिति में कुछ बातों का ध्यान रखा जा सकता है।
1. कुछ समय इंतजार करें: चंद्रोदय के निर्धारित समय के तुरंत बाद चांद दिखाई न देने पर थोड़ी देर प्रतीक्षा की जा सकती है। बादलों के बीच अंतर आने पर चंद्र दर्शन संभव हो सकते हैं।
2. स्थानीय मौसम की जानकारी लेते रहें: अपने शहर और आसपास के क्षेत्र की मौसम संबंधी जानकारी पर नजर रखें। अलग-अलग स्थानों पर बादलों की स्थिति अलग हो सकती है।
3. धार्मिक परंपरा के अनुसार निर्णय लें: यदि लंबे इंतजार के बाद भी चांद दिखाई न दे, तो परिवार के बुजुर्गों या अपने पंडित से स्थानीय परंपरा के अनुसार सलाह ली जा सकती है। ऐसी परिस्थितियों में व्रत खोलने की प्रथा अलग-अलग परिवारों और परंपराओं में भिन्न हो सकती है।
4. दूसरे स्थान पर जाने से पहले सावधानी बरतें: यदि आसपास किसी स्थान पर आसमान साफ होने की जानकारी मिले, तो वहां जाने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति का आकलन करें। बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए जोखिम भरी यात्रा से बचें।
5. ऑनलाइन तस्वीरों को लेकर अपनी परंपरा का ध्यान रखें: इंटरनेट पर चांद की तस्वीरें या लाइव प्रसारण मिल सकते हैं, लेकिन इन्हें प्रत्यक्ष चंद्र दर्शन का विकल्प माना जाए या नहीं, यह परिवार की मान्यता और स्थानीय रीति पर निर्भर करता है।
मौसम विभाग की चेतावनी पर भी रखें नजर
हरियाणा में 29 और 30 अक्टूबर को गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। शाम के समय मौसम अचानक बदलने पर खुले स्थानों पर लंबे समय तक खड़े रहने से बचें और बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें।
फिलहाल करवाचौथ का चांद देखने के लिए महिलाओं को धैर्य रखना पड़ सकता है। आसमान में बादलों की स्थिति और उनके छंटने का समय ही तय करेगा कि इस बार चांद के दीदार समय पर होंगे या सुहागिनों को उसके इंतजार में कुछ अतिरिक्त समय बिताना पड़ेगा।

