Yuva Haryana : हरियाणा में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने ‘राइट टू बिजनेस एक्ट’ लागू किया है। इस अधिनियम के तहत नए उद्योगों को बिना शिकायत के आधार पर कार्रवाई से राहत मिलेगी। साथ ही, नए उद्योगों का तीन साल तक निरीक्षण नहीं किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना और उद्योगों के लिए कारोबार का अनुकूल माहौल तैयार करना है।
15 दिनों में मिलेगी सैद्धांतिक मंजूरी
सरकार की ओर से जारी प्रावधानों के अनुसार नए उद्योगों को ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से मंजूरी लेने की सुविधा मिलेगी। रिपोर्ट के मुताबिक आवेदन करने के बाद 15 दिनों के भीतर सैद्धांतिक मंजूरी देने का प्रावधान है। यदि निर्धारित समय में मंजूरी नहीं मिलती है तो संबंधित प्रक्रिया के तहत आवेदक को राहत मिल सकती है। इससे उद्योग स्थापित करने में लगने वाला समय कम करने और विभागीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने का प्रयास किया गया है।
नए उद्योगों में तीन साल तक नहीं होगा निरीक्षण
राइट टू बिजनेस एक्ट के तहत नए उद्योगों को शुरुआती वर्षों में राहत देने का प्रावधान किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार बिना शिकायत के नए उद्योगों का तीन साल तक निरीक्षण नहीं किया जाएगा।
हालांकि, सुरक्षा, गंभीर शिकायतों और लागू कानूनी प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। निरीक्षण से संबंधित छूट और उसके अपवादों की जानकारी संबंधित अधिसूचना के अनुसार लागू होगी।
पोर्टल के जरिए पूरी होगी प्रक्रिया
कारोबारियों को अपनी जरूरी स्वीकृतियां पाने के लिए इन्वेस्ट हरियाणा सिंगल विंडो पोर्टल का उपयोग करना होगा। हालांकि, उद्यमियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि तीन साल की अवधि समाप्त होने से पहले के आखिरी छह महीनों के भीतर वे सभी जरूरी रेगुलर अप्रूवल प्राप्त कर लें।
शिकायतों के निपटारे के लिए सिस्टम बनाया
यदि किसी वैध प्रमाण पत्र धारक को तीन साल की अवधि के दौरान कोई परेशानी आती है तो वह जिला नोडल एजेंसी के पास शिकायत दर्ज करा सकता है। 30 दिन में समाधान न होने पर मामला राज्य नोडल एजेंसी के पास जाएगा, जहां 15 दिन के भीतर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
किन उद्योगों को मिलेगा फायदा?
यह कानून केंद्र सरकार के उद्यम पोर्टल पर रजिस्टर्ड उन सभी नई या विस्तार कर रही सूक्ष्म, लघु और मध्यम विनिर्माण इकाइयों (एमएसएमई) पर लागू होगा, जो हरियाणा में अपना कारोबार स्थापित करना चाहती हैं। इस अधिनियम के दायरे में नगर और ग्राम योजना विभाग, शहरी स्थानीय निकाय, अग्निशमन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और श्रम विभाग से जुड़ी कई मंजूरियां शामिल हैं।
सरकार का उद्देश्य क्या है?
हरियाणा सरकार का उद्देश्य उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना, ऑनलाइन सेवाओं को बढ़ावा देना और मंजूरी की प्रक्रिया को सरल बनाना है। राइट टू बिजनेस एक्ट के लागू होने से नए उद्यमियों को कारोबार शुरू करने में सुविधा मिलने की संभावना है।

