हरियाणा के ग्रामीण चौकीदारों को दिवाली का तोहफा, मानदेय 11 हजार से बढ़ाकर 15,221 रुपये किया
Yuva Haryana: हरियाणा सरकार ने दीपावली से पहले प्रदेश के ग्रामीण चौकीदारों को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय ग्रामीण चौकीदार सम्मान समारोह में उनके मासिक मानदेय और विभिन्न भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणा की। अब ग्रामीण चौकीदारों को 11 हजार रुपये के बजाय 15,221 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। इसके साथ ही वर्दी, साइकिल और ड्यूटी के दौरान इस्तेमाल होने वाले जरूरी सामान के भत्ते भी बढ़ाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नई दरें आज से लागू होंगी और अधिकारियों को इन फैसलों से संबंधित अधिसूचना जल्द जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार के इस फैसले से प्रदेश में तैनात हजारों ग्रामीण चौकीदारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
मानदेय में 4,221 रुपये की बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की कि ग्रामीण चौकीदारों का मासिक मानदेय 11,000 रुपये से बढ़ाकर 15,221 रुपये किया जा रहा है। इस तरह प्रत्येक चौकीदार को हर महीने 4,221 रुपये अधिक मिलेंगे।
सीएम ने बताया कि अब चौकीदारों का मानदेय श्रम विभाग की ओर से अकुशल श्रमिकों के लिए निर्धारित वेतन के बराबर होगा। इससे भविष्य में मानदेय को निर्धारित न्यूनतम वेतन से जोड़ने की व्यवस्था भी बनेगी।
वर्दी और अन्य भत्तों में भी इजाफा
सरकार ने मासिक मानदेय के अलावा चौकीदारों को मिलने वाले वार्षिक भत्तों में भी बढ़ोतरी की है। नई घोषणाओं के अनुसार:
- वर्दी भत्ता: 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये सालाना।
- लाठी, बैटरी, सीटी और छाता भत्ता: 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये सालाना।
- साइकिल भत्ता: 3,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये।
इन बढ़ोतरी से चौकीदारों को ड्यूटी के दौरान जरूरी सामान और आवागमन से जुड़े खर्चों में मदद मिलेगी।
पहली बार ESI सुविधा का लाभ
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण चौकीदारों के सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े लाभों को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि हरियाणा के इतिहास में पहली बार ग्रामीण चौकीदारों को कर्मचारी राज्य बीमा यानी ESI का लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा उन्हें हरियाणा श्रम कल्याण कोष के दायरे में भी शामिल किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि सरकार ने चौकीदारों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पहले ही EPF की सुविधा दी है। इसके साथ ही सेवानिवृत्ति के समय 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान भी किया गया है।
2018 से अब तक तीन बार बढ़ा मानदेय
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने चौकीदारों के मानदेय में हुई पिछली बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में चौकीदारों का मानदेय 3,500 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये किया गया था। इसके बाद फरवरी 2024 में इसे बढ़ाकर 11,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया। अब इसे 15,221 रुपये करने की घोषणा की गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि चौकीदारों को गृह विभाग से विकास एवं पंचायत विभाग में लाने का फैसला किया गया, ताकि उनके काम और विभागीय जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सके।
गांवों की सुरक्षा और प्रशासन में अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण चौकीदार केवल सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि गांव और प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी भी हैं। प्रदेश में 5,201 पदों पर तैनात चौकीदार अपने गांव में होने वाली प्रत्येक मृत्यु का रिकॉर्ड परिवार पहचान पत्र पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज कर रहे हैं। इससे सरकारी रिकॉर्ड और योजनाओं के संचालन में मदद मिलती है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्च 2019 में शुरू किए गए ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान ने देश की राजनीति और सामाजिक सोच को नई दिशा दी थी। मुख्यमंत्री ने चौकीदारों को समाज की सुरक्षा और विश्वास का सच्चा प्रहरी बताया।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने चौकीदारों से कहा कि वे अपने गांव लौटकर परिवार और पंचायत को बताएं कि सरकार उनकी मेहनत और सेवा का सम्मान करती है।

