Yuva Haryana: हरियाणा में अब सभी डॉक्टरों, दंत चिकित्सकों, आयुष चिकित्सकों, नर्सों, फार्मासिस्टों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के लिए हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री (एचपीआर) आईडी बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। संबंधित काउंसिलों में नए पंजीकरण और नवीनीकरण के दौरान एचपीआर आईडी की अनिवार्यता लागू रहेगी।
मुख्य बिंदु:
90 दिन का समय: आईडी नहीं होने पर स्वास्थ्य कर्मियों को इसे बनवाने के लिए अधिकतम 90 दिन का समय दिया जाएगा। निर्धारित अवधि में आईडी नहीं बनवाने पर उनका प्रोविजनल पंजीकरण बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के निलंबित कर दिया जाएगा, जिसके बाद वे दोबारा पंजीकरण बहाल होने तक प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे।
प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन की सुविधा: आवेदन के समय वैध आईडी नहीं होने पर संबंधित स्वास्थ्य कर्मी को जरूरी वैध दस्तावेज पोर्टल पर जमा कर इसे हासिल करने के लिए अधिकतम 90 दिन मिलेंगे। यदि किसी स्वास्थ्य कर्मी को आईडी के बिना पंजीकरण दिया जाता है, तो उसे अधिकतम 90 दिन के लिए प्रोविजनल माना जाएगा।
रिमाइंडर भेजने की प्रक्रिया: संबंधित काउंसिल उसके पंजीकृत ईमेल और मोबाइल नंबर पर कम से कम तीन रिमाइंडर भेजेगी—पहला रिमाइंडर प्रोविजनल पंजीकरण के 30 दिन के भीतर, दूसरा 30 से 60 दिन के बीच और तीसरा व अंतिम रिमाइंडर 60 से 75 दिन के बीच भेजा जाएगा।
योजना का उद्देश्य: इस व्यवस्था का उद्देश्य आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत प्रदेश के सभी पात्र स्वास्थ्य कर्मियों का सत्यापित और एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है। इससे स्वास्थ्य कर्मियों की डिजिटल पहचान और उनकी शैक्षणिक व व्यावसायिक योग्यताओं का सत्यापन आसान होगा, जिससे डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के साथ उनका एकीकरण, उपलब्धता का आकलन, निगरानी और नीतिगत योजना बनाने में मदद मिलेगी।
इन काउंसिलों पर लागू: हरियाणा स्टेट मेडिकल काउंसिल, हरियाणा स्टेट डेंटल काउंसिल, हरियाणा नर्सेज एंड नर्स-मिडवाइव्स काउंसिल, काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन हरियाणा और हरियाणा स्टेट फार्मेसी काउंसिल के माध्यम से होने वाले नए पंजीकरण और नवीनीकरण पर यह नई व्यवस्था लागू होगी।

