हरियाणा में ओवरलोडिंग पर कार्रवाई तेज, करीब 70 वाहन मालिकों को मोबाइल पर भेजे चालान; परिवहन मंत्री अनिल विज ने पूरे प्रदेश में सख्ती के निर्देश दिए
Yuva Haryana: हरियाणा में राष्ट्रीय राजमार्गों और टोल प्लाजा से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। अंबाला के एक टोल प्लाजा पर 24 घंटे के भीतर करीब 46 लाख रुपये का जुर्माना वसूले जाने का मामला सामने आया है। कार्रवाई के दौरान लगभग 70 वाहन मालिकों को सीधे मोबाइल फोन पर चालान भेजे गए। इस अभियान का उद्देश्य ओवरलोडिंग पर रोक लगाना और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
टोल प्लाजा पर दर्ज वाहनों के आंकड़ों के आधार पर ओवरलोडिंग की पहचान की गई। इसके बाद संबंधित वाहन मालिकों को चालान भेजे गए। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से उन वाहन चालकों और मालिकों को चेतावनी मिली है, जो निर्धारित वजन सीमा से अधिक माल लेकर सड़कों पर चलते हैं।
ओवरलोडिंग पर पूरे प्रदेश में सख्ती के निर्देश
परिवहन मंत्री अनिल विज ने ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई हो और पूरे प्रदेश में निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए।
ओवरलोड वाहन सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। निर्धारित क्षमता से अधिक माल होने पर वाहन को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है। इससे ब्रेक लगाने की क्षमता, टायरों और अन्य तकनीकी हिस्सों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे वाहन सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा सकते हैं और सड़क तथा पुलों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
घग्गर और सैनी माजरा टोल प्लाजा भी निगरानी में
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों की निगरानी में अंबाला के घग्गर टोल प्लाजा और राष्ट्रीय राजमार्ग-152 पर सैनी माजरा टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की जांच की जा रही है। इन स्थानों पर ओवरलोड वाहनों की पहचान के लिए टोल पर उपलब्ध डेटा और संबंधित तकनीकी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।
टोल प्लाजा पर वाहन का रिकॉर्ड मिलने के बाद संबंधित वाहन के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जा सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) और अन्य संबंधित अधिकारियों के सामने चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर समय पर कार्रवाई हो।
मोबाइल पर चालान भेजने से बढ़ेगी निगरानी
पहले ओवरलोडिंग के मामलों में कार्रवाई के लिए कई बार वाहन को रोककर जांच करनी पड़ती थी। अब टोल प्लाजा के रिकॉर्ड और मोबाइल पर चालान भेजने जैसी व्यवस्थाओं से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों तक पहुंचना आसान हो सकता है।
ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई को केवल एक टोल प्लाजा तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। पूरे प्रदेश में डेटा साझा करने और निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाने से नियम तोड़ने वाले वाहन मालिकों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकती है।
फास्टैग और लोकेशन नेटवर्क पर भी नजर
आरटीए की लोकेशन बताने वाले नेटवर्क और सड़क पर निगरानी करने वाली टीमों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। यदि किसी वाहन के ओवरलोड होने की जानकारी मिलती है, तो संबंधित टीम उसे रोककर जांच कर सकती है। इसके लिए विभागों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान और चालान की प्रक्रिया पारदर्शी होना जरूरी है।
हालांकि, चालान भेजने से पहले वाहन की पहचान, वजन से संबंधित प्रमाण और नियमानुसार प्रक्रिया का पालन करना भी आवश्यक है। वाहन मालिकों को चालान के विवरण की जांच करने और किसी गलती की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलना चाहिए।
ज्यादा माल ढोने पर बढ़ सकता है जुर्माना
300 से 600 रुपये के टोल वाले ट्रक और ओवरलोड वाहन निर्धारित शुल्क चुकाकर आगे निकल जाते हैं, लेकिन तय क्षमता से अधिक माल ले जाने पर अतिरिक्त जुर्माना लग सकता है। ऐसे मामलों में कार्रवाई संबंधित नियमों और अतिरिक्त भार की मात्रा के आधार पर की जाती है।
कुल मिलाकर, हरियाणा में ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्ती सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। टोल प्लाजा के डेटा, मोबाइल चालान और विभागीय निगरानी के जरिए कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। हालांकि, अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नियमों का पालन पूरे प्रदेश में समान रूप से कराया जाए और चालान की प्रक्रिया प्रमाण-आधारित तथा पारदर्शी रहे।

