Yuva Haryana: हरियाणा की हज़ारों साल पुरानी सभ्यता और स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा को नई पहचान देने के लिए प्रदेश में ऐतिहासिक धरोहर कॉरिडोर (विरासत कॉरिडोर) बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थलों को संरक्षित कर कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
हरियाणा विज़न-2047 के तहत अगले पांच वर्षों की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश को सांस्कृतिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने पर विशेष जोर दिया।
1857 के शहीद स्थलों से परिचित होगी नई पीढ़ी
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1857 की क्रांति की शुरुआत अंबाला कैंट से हुई थी। यहां बनाए जा रहे शहीद स्मारक में दर्शाए गए स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थलों को मिलाकर एक ऐसा कॉरिडोर तैयार किया जाएगा, जिससे युवा और आने वाली पीढ़ी देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों के इतिहास से रूबरू हो सके।
21 नए स्थलों पर होगी पुरातात्विक खुदाई
पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की योजना के तहत राज्य में 21 नए स्थानों पर पुरातात्विक खुदाई की जाएगी:
पहला चरण (2026-27): हिसार जिले के सीसवाल में खुदाई प्रस्तावित है।
दूसरा चरण (2029-31): खरड़ अलीपुर, बालू, जोगना खेड़ा, तिगड़ाना और राखीगढ़ी में प्राथमिक आधार पर खुदाई और संरक्षण कार्य किया जाएगा।
वर्तमान में प्रदेश में 72 संरक्षित स्मारक हैं, जिन्हें वर्ष 2031 तक बढ़ाकर 120 से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है। ऐतिहासिक किलों, बावड़ियों, मंदिरों, हवेलियों और ब्रिटिश काल के पुलों का दस्तावेजीकरण व संरक्षण किया जाएगा।
राखीगढ़ी से जुड़ेगा कॉरिडोर, 6 नए संग्रहालय बनेंगे
- राखीगढ़ी को प्रमुख पुरातात्विक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के साथ-साथ ‘सरस्वती-सिंधु विरासत कॉरिडोर’ की अवधारणा पर काम होगा।
- इसके तहत राखीगढ़ी, भरड़ाना, तिगड़ाना, बनावली, कुनाल, बालू, भगवानपुरा, पानीपत, जहाज कोठी (हिसार), गढ़ी सांपला, जींद और पिंजौर जैसे प्रमुख स्थलों को जोड़ा जाएगा।
- पंचकूला में राज्य संग्रहालय के अलावा राखीगढ़ी, कुरुक्षेत्र, झज्जर और कुनाल सहित 6 नए संग्रहालय विकसित किए जाएंगे।
- पिंजौर और कपाल मोचन के 6 संग्रहालयों का नवीनीकरण होगा।
धार्मिक यात्राओं के लिए श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाई गई (100-100 श्रद्धालुओं को आर्थिक मदद)
हरियाणा सरकार द्वारा धार्मिक यात्राओं के लिए दिए जाने वाले अनुदान के तहत श्रद्धालुओं की संख्या प्रति वर्ष 50-50 से बढ़ाकर 100-100 श्रद्धालु कर दी गई है।
आर्थिक सहायता राशि:
- स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा: ₹20,000 प्रति श्रद्धालु
- कैलाश मानसरोवर यात्रा: ₹50,000 प्रति श्रद्धालु
- सिंधु दर्शन यात्रा: ₹20,000 प्रति श्रद्धालु
नोट: इन यात्राओं का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा और केवल पंजीकृत श्रद्धालुओं को ही आर्थिक सहायता मिलेगी।
पर्यटन और कृषि-पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
वेडिंग सिटी पिंजौर: ‘वेड इन इंडिया’ की तर्ज पर पिंजौर में वेडिंग सिटी स्थापित की जाएगी।
अन्य विकास कार्य: कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर स्थित मंदिर, फरीदाबाद में गोल्फ कोर्स, यमुनानगर में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का विकास और सूर्य मंदिर का जीर्णोद्धार किया जाएगा।
फार्म स्टे और होमस्टे: ‘हरियाणा विज़न-2030’ के तहत कृषि-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वर्तमान में मौजूद 38 फार्म स्टे और 11 होमस्टे की संख्या बढ़ाकर 100 करने के निर्देश दिए गए हैं।

