Yuva Haryana: हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों के इलाज को लेकर निजी अस्पतालों पर शिकंजा कसने की तैयारी पूरी कर ली है। विभाग द्वारा नई ‘एम्पैनलमेंट पॉलिसी-2026’ जारी की गई है, जिसके तहत पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में अब मनमानी पर पूरी तरह रोक लगेगी।
इस नई नीति के तहत स्वास्थ्य विभाग अब केवल कागजों पर ही नहीं, बल्कि धरातल पर जाकर अस्पतालों के बिल, मरीज की फाइल और अस्पताल की व्यवस्थाओं की सीधी जांच करेगा।
6 से 12 घंटे पहले मिलेगा सरप्राइज चेक का पता
अस्पतालों में फर्जीवाड़े और अनियमितताओं को रोकने के लिए विभाग की 2 से 3 सदस्यीय टीम अचानक निरीक्षण (Surprise Check) करेगी। जांच से केवल 6 से 12 घंटे पहले ही संबंधित अस्पताल को इस औचक निरीक्षण की सूचना दी जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जांच टीम को निम्नलिखित अधिकार होंगे:
फाइलों की खंगाल: मरीज की भर्ती फाइल और मेडिकल रिकॉर्ड्स की गहन जांच।
बिलिंग रिकॉर्ड का मिलान: यह जांचना कि अस्पताल तय रीइंबर्समेंट (Reimbursement) नीति के अनुसार ही शुल्क वसूल रहा है या अधिक राशि वसूल रहा है।
त्वरित रिपोर्ट: जांच रिपोर्ट उसी दिन (अधिकतम 24 घंटे के भीतर) महानिदेशक स्वास्थ्य सेवा (DGHS) को भेजी जाएगी।
कमी मिलने पर कार्रवाई: गड़बड़ी पाए जाने पर अस्पताल को 30 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करना और कमियों को दूर करना अनिवार्य होगा।
चेकलिस्ट में अस्पताल की पूरी व्यवस्था शामिल
नई नीति के तहत जांच केवल मरीजों के बिलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अस्पताल के संपूर्ण बुनियादी ढांचे का परीक्षण होगा।
चेकलिस्ट के प्रमुख बिंदु:
चिकित्सा एवं स्टाफ: डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता, फैकल्टी और उपकरणों का रखरखाव।
लाइसेंस एवं सुरक्षा: क्लिनिकल उपकरणों का कैलिब्रेशन, फायर एनओसी (Fire NOC), आवश्यक लाइसेंस और पंजीकरण।
सुरक्षा मानक: अस्पताल में खुली/ढीली बिजली की तारें न होना और इमरजेंसी/फायर एग्जिट का ब्लॉक न होना।
NABH की मान्यता खत्म तो पैनल से बाहर
नई एम्पैनलमेंट नीति में NABH/NABL मान्यता को सीधे सरकारी पैनल से जोड़ दिया गया है। यदि किसी अस्पताल की NABH/NABL मान्यता समाप्त हो जाती है, तो उसे 4 सप्ताह के भीतर नई या नवीनीकृत (Renewed) मान्यता का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। केवल NABH मान्यता के दायरे में आने वाली सेवाओं के अनुसार ही अस्पताल को एम्पैनल किया जाएगा।
इन 3 स्थितियों में स्वत: खत्म होगी मान्यता (Auto-Removal Rules):
हरियाणा सरकार ने तीन ऐसे सख्त आधार तय किए हैं, जिनके तहत किसी भी निजी अस्पताल को बिना किसी देरी के सरकारी पैनल से स्वतः बाहर कर दिया जाएगा:
- यदि अस्पताल क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट या संबंधित कानून के तहत अयोग्य घोषित हो जाए।
- यदि अस्पताल आयुष्मान भारत (AB-PMJAY) योजना के तहत अपात्र घोषित हो जाए।
- यदि अस्पताल अपनी NABH/NABL मान्यता या पात्रता खो देता है।

