Yuva Haryana : हरियाणा की सड़कों पर हादसों का कहर बढ़ गया है। एक आंकड़े के अनुसार हरियाणा में इस साल पहले दस महीनों में करीब चार हजार लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा इतना डरावना इसलिए है क्योंकि इसी अवधि में हत्या के मामलों में 800 लोग मारे गए। ऐसे में हरियाणा की सड़कें अपराधियों से ज्यादा घातक साबित हो रही है।
हरियाणा पुलिस ने भी इस पर चिंता जाहिर की है। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को पत्र लिखा है। राज्य में 474 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं, जिनमें से 251 में सुधार की आवश्यकता है।
हरियाणा में बढ़ते सड़क हादसों पर अब हरियाणा सरकार भी एक्शन मोड में आ गई है।
दरअसल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘म्हारी सड़क ऐप’ की कुछ शिकायतों को बिना पूर्ण निवारण के बंद करने और शिकायतों का ठीक से निपटान न करने को लेकर विभिन्न विभागों के सम्बंधित 19 कार्यकारी अभियंताओं पर विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। इनमें पीडब्ल्यूडी के 2, एचएसएएमबी के 6, एसएसआईआईडीसी के 2, जिला परिषद का 1, यूएलबी के 5 और एसएसवीपी के 3 कार्यकारी अभियंता शामिल है।
सीएम ने यह भी निर्देश दिए कि जो ठेकेदार तय समय सीमा में शिकायतों का निवारण नहीं कर रहे हैं, संबंधित विभाग उनके खिलाफ भी कार्रवाई करें।

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश ‘म्हारी सड़क ऐप‘ पर आई शिकायतों पर समीक्षा बैठक करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जो भी कार्य दिया जाता है या लोगों की कोई शिकायत आती है तो उसका समाधान धरातल पर शत प्रतिशत दिखना चाहिए।
नायब सैनी ने कहा कि अधिकारी आम जनता द्वारा ऐप पर भेजी गई सड़कों की शिकायतों के पूर्ण समाधान के बाद ही शिकायत को बंद करे, यदि किसी शिकायत को संबंधित अधिकारी ने बिना समाधान के बंद किया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। वहीं प्रदेश की सड़कों पर सफेद पट्टी और साइन बोर्ड लगवाने भी सुनिश्चित किए जाए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि म्हारी सड़क ऐप की जानकारी और डाउनलोड करने के लिए लोगों को ज्यादा से ज्यादा विभिन्न माध्यमों से जागरूक करे, ताकि सड़क से सम्बंधित समस्या को लेकर वें ऐप को उपयोग कर सकें। इसके अलावा सडकों के गड्ढों को ठीक प्रकार से भरा जाए और इसको लेकर लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आगे निर्देश दिए कि ऐप पर जो नागरिक गड्ढों की फोटो डालकर जानकारी देता है तो उससे बात करना भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंनें फील्ड में कार्यरत अधिकारियों को प्रशिक्षण भी देने के निर्देश दिए है। इसके अलावा, जिस विभाग की सड़़कों की मैपिंग अभी तक पूरी नहीं हुई वे मैपिंग का कार्य भी जल्द करें। वहीं ऐप पर एक सेल अलग से बनाकर एनएच की सड़कों की शिकायतों को उस पर डालने के आदेश भी दिए गए।



