Yuva Haryana : दिवाली के बाद हरियाणा धीरे-धीरे गैस चैंबर बनता जा रहा है। प्रदेश के आधे से ज्यादा जिलों की हवा खासा खराब है। ऐसे में लोगों को सांस लेने की दिक्कतें सामने आ रही है और वे खराब हवा में सांस लेने को मजबूर है।
देशभर में रोहतक सबसे प्रदूषित शहर रहा है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 390 के करीब पहुंच गया है, जो कि बेहद खराब श्रेणी में शामिल है।
इससे पहले 30 अक्टूबर को भी देश में सबसे प्रदूषित शहर रोहतक का एक्यूआई 426 था, जो कि गंभीर श्रेणी में आता है।
इसके अलावा दादरी सहित कई और शहर नए हॉटस्पॉट के रूप में सामने आए है। हालांकि, इससे पहले हरियाणा के भिवानी का भी एक्यूआई 406 था, जो कि देश में सबसे प्रदूषित शहर था।
शहरों की एक्यूआई
रोहतक – 389
दादरी – 375
फतेहाबाद – 334
जींद – 330
कैथल – 324
बल्लभगढ़ – 319
आपको बता दें कि देश के 9 बेहद प्रदूषित शहरों में हरियाणा के छह शहर शामिल है। इसके चलते हरियाणा के करीब 15 जिलों में हवा खराब है।
हालात ये है कि हरियाणा के विभिन्न शहरों में वायु प्रदूषण के कारण शनिवार को सूर्य देवता के दर्शन नहीं हो पाए।
एक सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार एक नवंबर को सीजन में एक दिन के अंदर सबसे ज्यादा 19 जगह पराली जलाने के मामले सामने आए हैं।
हरियाणा में अभी तक पराली जलाने के 118 मामले आ चुके हैं। सबसे ज्यादा पराली जलाने के 13 मामले 19 अक्तूबर को दर्ज किए गए थे। इनमें सबसे ज्यादा जींद में 26, कैथल में 17 और फतेहाबाद में 15 मामले आए हैं।



