Yuva Haryana : हरियाणा में 18 दिसम्बर से शुरू हुए शीतकालीन सत्र सोमवार को समाप्त हो गया। इस दौरान कुल चार सीटिंग में लगभग 23 घंटे सदन चर्चा हुई। इस सत्र के दौरान सदन में 16 विधेयकों को पारित किया गया।
शीतकालीन सत्र में कई बार हंगामा भी देखने को मिला और कई बार कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट भी किया। इस दौरान कांग्रेस द्वारा बीजेपी सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भी चर्चा का विषय बना।
वहीं सत्र की समाप्ती के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर निशाना सधाते हुए कह कि कांग्रेस का रवैया प्रदेश की जनता के प्रति उदासीनता रहा, क्योंकि कांग्रेस का सत्र के दौरान पूर्ण बहुमत और जनभावनाओं के आर्शिवाद से बनी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना दुभाग्यपूर्ण है। इसके अलावा, कांग्रेस ने चुनाव सुधारों पर आए प्रस्ताव पर चर्चा नहीं की और सदन से वाकआउट करना सवैधानिक संस्थाओं पर उंगली उठाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने विधानसभा में कांग्रेस के इस नकारात्मक रवैया के प्रति निंदा प्रस्ताव भी पारित किया है। इनका सदन से वाकआउट होना यह साबित करता है कि कांग्रेस पार्टी जनहित के मुद्दों के प्रति कितनी गंभीर है।
वहीं सत्र के दौरान सदन में 16 विधेयकों को पारित किया गया। सीएम ने कहा कि जन विश्वास विधेयक के लागू होने से अनावश्यक मुकदमेबाजी कम होगी, नागरिकों व व्यवसायों पर अनुपालन बोझ कम होगा और ‘न्यूनतम सरकार-अधिकतम शासन’ के सिद्धांत को साकार करते हुए निवेशकों का विश्वास और मजबूत होगा।
इस विधेयक द्वारा कुल 42 राज्य अधिनियमों के तहत 164 छोटे छोटे प्रावधानों को अपराध-मुक्त किया गया है। ये अर्बन लोकल बॉडीज, राजस्व, स्वास्थ्य, कृषि, अग्नि सेवाएं, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, आबकारी सहित अन्य विभागों से जुड़े हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस शीतकालीन सत्र में प्रशिक्षित अध्यापकों और इंस्ट्रक्टर्स की कमी पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमने विभिन्न प्रयासों से शिक्षकों और अनुदेशकों की कमी नहीं रहने दी है। व्यावसायिक अध्यापक के स्वीकृत 2 हजार 784 पदों में से 2 हजार 52 भरे गये हैं।
उन्होंने कहा कि सत्र के अंतिम दिन चुनाव सुधार प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। यह अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग का संवैधानिक दायित्व है, जो चुनावी निष्पक्षता बनाए रखने और ‘वोट की चोरी’ रोकने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उधर, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए खहा कि पूरे शीतकालीन सत्र के दौरान कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों और जनहित के मुद्दों से बीजेपी सरकार भागती हुई दिखी।
हुड्डा ने कहा कि यह पहली बार है कि कांग्रेस द्वारा पेश किया गया एक भी स्थगन प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव या अल्पावधि चर्चा प्रस्ताव का नोटिस स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हरियाणा के अधिकारों से संबंधित सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने के लिए प्रस्ताव के नोटिस दिये थे, लेकिन सरकार ने उनमें से किसी पर भी प्रतिक्रिया नहीं दी।
वहीं इनेलो विधायक विधायक अर्जुन चौटाला ने कांग्रेस के बार-बार वॉकआउट करने पर तीखा तंज कसा और कहा कि विपक्ष का काम सदन से बाहर निकलना नहीं, बल्कि सरकार को कटघरे में खड़ा करना है।



