Yuva Haryana : हरियाणा में दो पुलिस अधिकारियों आईपीएस वाई पूरन कुमार और एएसआई संदीप लाठर की आत्महत्या के मामलों की जांच जारी है। इस बीच, अनुसूचित जाति आयोग ने आईपीएस पूरन कुमार के मामले में संज्ञान लिया है।
इस मामले में एससी आयोग ने चंडीगढ़ के मुख्य सचिव और चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी को नोटिस जारी करते सात दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।
आयोग ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मामले में पूछताछ करने का निर्णय लिया है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से भेजी जाने वाली रिपोर्ट में सभी आरोपियों के नाम, एफआईआर संख्या, तारीख और धाराएं, आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को दी गई मुआवजा राशि को जरूर शामिल किया जाए।
आयोग द्वारा भेजे गए पत्र में यह भी कहा गया है यदि आयोग को निर्धारित समय के भीतर कोई जवाब नहीं मिलता है तो आयोग भारत के संविधान के अनुसार व्यक्तिगत या प्रतिनिधि को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए समन जारी कर सकता है।
उधर, एएसआई संदीप सुसाइड केस में उनके परिजनों ने एसआईटी जांच की मांग उठाई है। संदीप के परिजनों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र सिंह बढ़खालसा से यह मांग रखेंगे। ओएसडी दीपावली के बाद जुलाना में परिजनों से मिलने आएंगे। 24 अक्टूबर को एएसआई संदीप लाठर की तेरहवीं होगी।
आपको बता दें कि आईपीएस पूरन कुमार ने सात अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित अपने घर के साउंडप्रूफ बेसमेंट में अपनी सर्विस रिवॉल्वर से आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद 14 अक्टूबर को एएसआई संदीप लाठर ने लाढ़ौत स्थित अपने मामा के खेत में जाकर आत्महत्या कर ली थी। संदीप ने एक वीडियो और चार पेज के सुसाइड नोट में पूर्व एडीजीपी पूरन कुमार व उनकी पत्नी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।



