Yuva Haryana : हरियाणा के गांवों में विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार एक अहम कदम उठाने जा रही है। इसके तहत अब गांवों में ग्राम सभाओं में कोरम पूरा नहीं होने पर विकास कार्य नहीं रूक पाएंगे।
दरअसल, हरियाणा सरकार गांवों में परियोजनाओं को मंजूरी देने और इन पर फैसले लेने के लिए होने वाली ग्राम सभा की बैठक में कम से कम 40 प्रतिशत सदस्यों की उपस्थिति जरूरी करने के लिए एक विधेयक वीरवार को शुरू होने जा रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में लेकर आ रही है।
हरियाणा पंचायती राज संशोधन विधेयक के तहत ग्राम सभाओं की पहली बैठक में भी अगर कोरम पूरा नहीं होता है तो दूसरी बार बुलाई गई बैठक में 30 प्रतिशत हाजिरी की शर्त निर्धारित की गई है। अगर फिर भी कोरम पूरा नहीं होता है तो तीसरी बैठक में सिर्फ 20 प्रतिशत सदस्यों के उपस्थित होने पर भी प्रस्ताव पारित हो जाएगा।
सरकार का मानना है कि नए कानून से पंचायती राज व्यवस्था में पारदर्शिता और सहभागिता को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा हरियाणा दुकानात तथा वाणिज्यिक प्रतिष्ठान संशोधन विधेयक भी सदन में पारित कराया जाएगा। अब यह अधिनियम 20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों पर लागू होगा। 20 से कम कर्मचारियों वाली छोटी इकाइयों को केवल ऑनलाइन स्व-घोषणा देनी होगी। पंजीकरण, संशोधन और बंद करने से संबंधित सभी कार्य पूरी तरह से एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होंगे।



