रिटायर्ड IAS अरुण कुमार गुप्ता बने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग के चेयरमैन, सरकार ने जारी किए आदेश
Yuva Haryana: हरियाणा सरकार ने बिजली क्षेत्र के नियमन से जुड़े महत्वपूर्ण संस्थान हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) के अध्यक्ष पद पर रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अरुण कुमार गुप्ता को नियुक्त किया है। प्रदेश के ऊर्जा विभाग ने 6 नवंबर 2026 को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। नियुक्ति आदेश पर हरियाणा सरकार की आयुक्त एवं सचिव, ऊर्जा विभाग अशिमा बराड़ के हस्ताक्षर हैं।
सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, अरुण कुमार गुप्ता आयोग के चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभालेंगे। उनका कार्यकाल पद की शपथ लेने की तारीख से पांच साल या 65 वर्ष की आयु पूरी होने तक रहेगा। इनमें से जो भी पहले होगा, उसी के आधार पर उनका कार्यकाल समाप्त होगा।
ऊर्जा विभाग ने जारी किया नियुक्ति आदेश
हरियाणा सरकार के ऊर्जा विभाग की ओर से जारी आदेश संख्या 3/3/2005-1E में विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 82 और 89 के तहत राज्यपाल की शक्तियों का उल्लेख करते हुए अरुण कुमार गुप्ता की नियुक्ति की गई है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उनकी नियुक्ति विद्युत अधिनियम, 2003 और हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (अध्यक्ष एवं सदस्य की सेवा शर्तें) नियम, 1998 के प्रावधानों के अनुसार होगी। समय-समय पर इन नियमों में किए गए संशोधन भी उन पर लागू होंगे।
पांच साल या 65 वर्ष की उम्र तक रहेगा कार्यकाल
नियुक्ति से जुड़े आदेश के अनुसार, अरुण कुमार गुप्ता का कार्यकाल पांच वर्ष निर्धारित किया गया है। हालांकि, यदि वे इससे पहले 65 वर्ष की आयु पूरी कर लेते हैं तो उनका कार्यकाल उसी समय समाप्त हो जाएगा। यानी नियुक्ति की अवधि में पांच साल और 65 वर्ष की आयु की शर्त लागू रहेगी।
यह नियुक्ति हरियाणा के बिजली नियामक ढांचे के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि HERC राज्य में बिजली से जुड़े नियामकीय मामलों और उपभोक्ताओं के हितों से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाता है।
क्या है हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग?
हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग यानी HERC राज्य में बिजली क्षेत्र का नियामक संस्थान है। इसका गठन विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के तहत किया गया है। आयोग की प्रमुख जिम्मेदारियों में बिजली की दरों से संबंधित मामलों पर निर्णय लेना, बिजली कंपनियों के कामकाज का नियमन करना और बिजली उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना शामिल है।
आयोग बिजली वितरण कंपनियों की ओर से दाखिल टैरिफ याचिकाओं पर सुनवाई करता है और निर्धारित नियमों के आधार पर बिजली दरों को मंजूरी देता है। इसके अलावा बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण से जुड़े नियामकीय मामलों में भी आयोग की भूमिका रहती है।
केंद्र और बिजली विभागों को भेजी गई आदेश की प्रति
ऊर्जा विभाग ने नियुक्ति आदेश की प्रतियां संबंधित अधिकारियों और संस्थानों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी हैं। इनमें भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के सचिव, केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग के चेयरमैन, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के चेयरमैन और हरियाणा के ऊर्जा मंत्री के विशेष सचिव शामिल हैं।
इसके अलावा हरियाणा की बिजली कंपनियों—उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVNL), दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVNL), हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (HVPNL) और हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन (HPGCL)—के प्रबंध निदेशकों को भी आदेश की प्रति भेजी गई है।
सरकार के इस फैसले के बाद अब अरुण कुमार गुप्ता के कार्यभार संभालने और आयोग के आगामी कामकाज पर नजर रहेगी।

