हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान तेज, रिश्वत मांगने की शिकायतों वाले अधिकारियों की विशेष सूची तैयार; 9 महीने में 155 छापे और 90 जांच दर्ज
Yuva Haryana: हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) ने कार्रवाई तेज कर दी है। सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने की शिकायतों के आधार पर 190 अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष निगरानी सूची में शामिल किया गया है। इनमें से छह को छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया जा चुका है। ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई को प्रोत्साहित करने के लिए क्लास-वन अधिकारी को रिश्वत लेते पकड़ने वाली विजिलेंस टीम को एक लाख रुपये तक का इनाम देने की घोषणा भी की है। यह जानकारी ब्यूरो की समीक्षा बैठक के बाद सामने आई।
‘डोंट मूव विदाउट मनी’ सूची में 190 अधिकारी-कर्मचारी
ब्यूरो ने ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान के लिए ‘डोंट मूव विदाउट मनी’ नाम से विशेष सूची तैयार की है, जिनके खिलाफ सरकारी काम करने के बदले रिश्वत मांगने की शिकायतें मिली हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सूची में शामिल कर्मचारियों के संबंध में प्राप्त शिकायतों और सूचनाओं की गंभीरता से जांच की जाए।
ब्यूरो के अनुसार, अब तक इस सूची में शामिल छह लोगों को छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, सूची में नाम शामिल होना अपने आप में अपराध साबित होना नहीं है। संबंधित शिकायतों की जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्लास-वन अधिकारी को पकड़ने पर एक लाख रुपये तक का इनाम
हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रमुख डॉ. अरशिंदर सिंह चावला ने घोषणा की कि रिश्वत लेते हुए क्लास-वन अधिकारी को पकड़ने वाली विजिलेंस टीम को एक लाख रुपये तक का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
इसके अलावा, भ्रष्ट अधिकारी को पकड़ने में मदद करने वाली विश्वसनीय सूचना देने वाले व्यक्ति को निर्धारित इनाम राशि का 30 प्रतिशत तक दिया जा सकेगा। इस पहल का उद्देश्य लोगों को भ्रष्टाचार की शिकायत करने के लिए प्रोत्साहित करना और रिश्वतखोरी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
नौ महीने में 155 छापे, 90 जांच दर्ज
ब्यूरो की समीक्षा बैठक में पिछले नौ महीनों के कामकाज का आकलन किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में प्रदेश के सात रेंज में कुल 155 छापे मारे गए। इनमें से 64 छापे तीसरी तिमाही के दौरान किए गए।
इसी अवधि में भ्रष्टाचार से संबंधित 90 जांच दर्ज की गईं। इनमें से 60 जांचों की रिपोर्ट निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद सरकार को भेजी गई। तीसरी तिमाही में 44 जांच दर्ज हुईं और 20 जांचों की रिपोर्ट सरकार को भेजी गई।
ब्यूरो प्रमुख ने अधिकारियों को लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा करने और शिकायतों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़ी प्रत्येक शिकायत और सूचना को गंभीरता से लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
‘सतर्क हरियाणा’ ऐप के प्रचार पर जोर
बैठक में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘सतर्क हरियाणा’ मोबाइल ऐप के बारे में सभी जिलों में जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया। इस ऐप के माध्यम से मिलने वाली सूचनाओं की जांच करने और उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
ब्यूरो प्रमुख ने शिकायतकर्ताओं के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सफल कार्रवाई में शिकायतकर्ताओं की भूमिका अहम होती है। साथ ही, जानबूझकर झूठी या भ्रामक जानकारी देने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
समीक्षा बैठक में बेहतर प्रदर्शन करने वाली चार विजिलेंस टीमों को सम्मानित भी किया गया। ब्यूरो का कहना है कि शिकायतों की जांच, छापेमारी और जवाबदेही की प्रक्रिया को मजबूत बनाकर भ्रष्टाचार के मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

