Yuva Haryana: गीता की धरती से निकलकर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (कुवि) अब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में अपनी शैक्षणिक पहचान को और मजबूत करने की तैयारी में है। विश्वविद्यालय की पहुंच को विस्तार देने के लिए सोनीपत की राजीव गांधी एजुकेशनल सिटी में आधुनिक परिसर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए करीब पांच एकड़ जमीन का चयन किया गया है।
इस नए केंद्र में पारंपरिक डिग्री तक सीमित रहने के बजाय नई पीढ़ी की शिक्षा, नवाचार, शोध और कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। यहां करीब 10 नए कोर्स शुरू करने की तैयारी है, जिससे विद्यार्थियों को बदलते रोजगार बाजार और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके।
डिग्री नहीं, भविष्य की तैयारी पर रहेगा जोर
कुवि के प्रस्तावित एनसीआर केंद्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार, उद्योग और भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करना है। शिक्षा के साथ कौशल विकास, शोध और स्टार्टअप जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया को देखते हुए युवाओं को ऐसे कौशल से जोड़ना जरूरी है, जिनकी आने वाले समय में अधिक मांग होगी। इसी दिशा में सोनीपत केंद्र को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं और नए पाठ्यक्रमों के साथ विकसित किया जाएगा।
विकसित भारत-2047 के संकल्प से जुड़ेगा नया परिसर
प्रस्तावित परिसर को विकसित भारत-2047 के विजन से भी जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को शिक्षा, शोध, नवाचार और कौशल के माध्यम से भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि एनसीआर में केंद्र शुरू होने से कुवि की शैक्षणिक और औद्योगिक पहुंच बढ़ेगी। इससे विद्यार्थियों को उद्योगों, स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसरों से जुड़ने का मौका भी मिल सकता है।
कुवि के विस्तार में अहम कदम
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की स्थापना 11 जनवरी 1956 को हुई थी। वर्षों से विश्वविद्यालय शिक्षा और शोध के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है। अब एनसीआर में नए परिसर की योजना को विश्वविद्यालय के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सोनीपत में बनने वाला यह केंद्र कुवि के लिए नई सोच, आधुनिक शिक्षा और रोजगारपरक अवसरों का नया प्रवेशद्वार साबित हो सकता है।

