दो गोल्ड जीतने वाली मोना अग्रवाल हरियाणा के सम्मान समारोह की सूची से बाहर, पति ने जताई नाराजगी
Yuva Haryana: जापान में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में दो स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल को लेकर हरियाणा में विवाद सामने आया है। महेंद्रगढ़ जिले के गांव कालबा की बहू मोना का नाम 30 अक्टूबर को भिवानी में होने वाले राज्यस्तरीय खिलाड़ी सम्मान समारोह की सूची में शामिल नहीं किया गया। इस पर उनके पति रविंद्र कुमार ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि केवल मूल निवास प्रमाण पत्र राजस्थान का होने के आधार पर मोना को सम्मान समारोह की सूची से बाहर रखना उचित नहीं है।
मोना अग्रवाल ने एशियन पैरा गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए शूटिंग की दो स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते हैं। इसके बावजूद हरियाणा सरकार की ओर से आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में उनका नाम नहीं होने से परिवार में निराशा है। मामला सामने आने के बाद खेल विभाग और सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
10 मीटर और 50 मीटर शूटिंग में जीते दो गोल्ड
मोना अग्रवाल ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच-1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद उन्होंने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस एसएच-1 स्पर्धा में भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
50 मीटर स्पर्धा में मोना ने 357.5 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। उनका यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा, क्योंकि उन्होंने प्रतियोगिता में किराये की राइफल से हिस्सा लिया था। इससे पहले 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें स्वर्ण पदक जीतने और एशियन पैरा गेम्स रिकॉर्ड बनाने पर बधाई दी थी।
हरियाणा के गांव कालबा की बहू हैं मोना
मोना अग्रवाल का मायका राजस्थान के सीकर में है, जबकि उनकी शादी महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी क्षेत्र के गांव कालबा में हुई है। वह फिलहाल अपने पति के साथ जयपुर में रहती हैं। उनके पति रविंद्र कुमार के अनुसार, मोना का नाम सम्मान समारोह की सूची में इसलिए शामिल नहीं किया गया क्योंकि उनका मूल निवास प्रमाण पत्र राजस्थान का है।
रविंद्र कुमार ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि हरियाणा में दूसरे राज्यों से संबंध रखने वाले खिलाड़ियों को भी पहले सम्मानित किया जाता रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राजस्थान के रहने वाले चरू निवासी खिलाड़ी देवेंद्र को भी हरियाणा सरकार सम्मानित कर चुकी है। ऐसे में मोना के मामले में अलग नियम अपनाना समझ से बाहर है।
30 अक्टूबर को भिवानी में होना है सम्मान समारोह
हरियाणा सरकार की ओर से 30 अक्टूबर को भिवानी के भीम स्टेडियम में एशियन और पैरा एशियन गेम्स के पदक विजेता खिलाड़ियों के सम्मान में राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे।
इस समारोह में खिलाड़ियों को करीब 185 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसमें एशियन गेम्स के खिलाड़ियों के लिए लगभग 133 करोड़ रुपये और पैरा एशियन गेम्स के खिलाड़ियों के लिए करीब 52 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। कार्यक्रम में खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार के साथ सरकारी नौकरी के माध्यम से भी प्रोत्साहित करने की योजना है।
खेल मंत्री ने दिया सम्मानित करने का आश्वासन
मामला सामने आने के बाद हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने मोना अग्रवाल को सम्मानित करने का आश्वासन दिया है। मंत्री ने उनका पूरा विवरण मंगवाने की बात कही है। वहीं, जिला खेल अधिकारी ने बताया था कि मोना का हरियाणा का डोमिसाइल नहीं बना हुआ है। यदि परिवार पहचान पत्र और डोमिसाइल संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं तो उनका नाम सूची में शामिल करने के लिए भेजा जा सकता है।
अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या अंतिम निर्णय लेती है और दो स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाली मोना अग्रवाल को भिवानी के सम्मान समारोह में सम्मानित किया जाता है या नहीं।

