गीता जयंती से पहले कुरुक्षेत्र के विकास कार्यों का होगा ऑडिट, गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई
Yuva Haryana: हरियाणा के धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती 2026 से पहले विकास कार्यों को गति देने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र में चल रहे और लंबित विकास कार्यों का ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम मीणा और मुख्यमंत्री के ओएसडी बीबी भारती की संयुक्त कमेटी गठित की गई है। कमेटी विकास कार्यों की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह फैसला कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (KDB) की 83वीं बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने की। इसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित सांसद नवीन जिंदल, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, विधायक अशोक अरोड़ा और प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अब कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड करवाएगा सभी विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों में बेहतर तालमेल और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब अलग-अलग विभागों के बजाय कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड स्वयं विकास कार्य करवाएगा। इससे परियोजनाओं की निगरानी और काम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में आसानी होगी। बोर्ड की बैठक प्रत्येक तीन महीने में आयोजित की जाएगी, जिसमें विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा होगी।
ब्रह्मसरोवर के पास 120 करोड़ से बनेगा गेस्ट हाउस
कुरुक्षेत्र आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ब्रह्मसरोवर के पास बड़ा गेस्ट हाउस बनाया जाएगा। इसके लिए 6.5 एकड़ जमीन निर्धारित की गई है। करीब 120 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस गेस्ट हाउस में 90 कमरे होंगे।
इसके अलावा पुरुषोत्तमपुरा में गुरु तेग बहादुर सिंह द्वार बनाया जाएगा। प्राचीन द्रौपदी कूप का पुरातत्व विभाग के मानकों के अनुसार नवीनीकरण किया जाएगा। ब्रह्मसरोवर पर मोरपंख के आकार की आकर्षक लाइटें और टाइलें लगाई जाएंगी। वहीं, ज्योतिसर में प्रवेश द्वार और गीता स्तंभ का निर्माण भी प्रस्तावित है।
पिहोवा में बनेगी दो किलोमीटर से लंबी परिक्रमा
पिहोवा स्थित सरस्वती तीर्थ के विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत दो किलोमीटर से अधिक लंबा परिक्रमा मार्ग विकसित किया जाएगा। कुरुक्षेत्र शहर के 11 चौकों के नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त 12 अन्य धार्मिक स्थलों का सर्वे किया जा रहा है।
इन स्थलों को कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अधीन लाने के बाद बोर्ड के अंतर्गत आने वाले तीर्थ स्थलों की संख्या 182 से बढ़कर 194 हो जाएगी।
2 दिसंबर से शुरू होगी 48 कोस के तीर्थों की यात्रा
अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव का आयोजन 5 से 25 दिसंबर 2026 तक कुरुक्षेत्र में किया जाएगा। इसके प्रचार-प्रसार के लिए 2 दिसंबर से 48 कोस क्षेत्र के 182 तीर्थ स्थलों को जोड़ते हुए जागरूकता यात्रा शुरू होगी। इसके बाद 4 दिसंबर को पिपली से शोभायात्रा निकाली जाएगी।
महोत्सव के दौरान भागवत कथा, गीता सम्मेलन, शिल्प मेला और गीता पुस्तक मेला आयोजित किए जाएंगे। हरियाणा के गठन के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
इस बार पश्चिम बंगाल और दिल्ली साझेदार राज्यों के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा पहली बार भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), भारतीय नौसेना, वायुसेना और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) भी प्रदर्शनी में भाग लेंगे।
तीर्थ स्थलों पर सफाई के लिए बनेगी विशेष फोर्स
गीता जयंती से पहले कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के क्षेत्र में एक महीने तक विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए अलग सफाई फोर्स तैनात होगी और जगह-जगह कूड़ेदान लगाए जाएंगे। बेहतर सफाई और व्यवस्था बनाए रखने वाले तीर्थ स्थलों को गीता जयंती समारोह के दौरान सम्मानित किया जाएगा। उन्हें नकद पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
इसके अलावा तीर्थ स्थलों के तालाबों का नवीनीकरण, चारदीवारी, फुटपाथ, लाइटिंग और छायादार पेड़ों की व्यवस्था की जाएगी। श्रद्धालुओं के बैठने के लिए हॉल बनाने और धार्मिक स्थलों की जियो-फेंसिंग करने की योजना भी तैयार की जाएगी।
दो मोबाइल ऐप लॉन्च, श्रद्धालुओं को मिलेगी जानकारी
बैठक के दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने ‘डिजिटल हेरिटेज ऐप’ और ‘कुरुक्षेत्र सारथी मोबाइल ऐप’ लॉन्च किए। इन ऐप के माध्यम से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को कुरुक्षेत्र के धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
राज्यपाल ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिवहन और कनेक्टिविटी बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने मेला स्थल तक पहुंच आसान करने और बस सेवाओं का विस्तार करने की आवश्यकता बताई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। विकास कार्यों की नियमित निगरानी, बेहतर सुविधाओं और पारदर्शिता के माध्यम से धर्मनगरी को नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

