Yuva Haryana: हरियाणा में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने गुरुग्राम में मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी और रेवाड़ी में कुसुम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी को वैधानिक मान्यता दे दी है। हरियाणा निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026 को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में मान्यता प्राप्त निजी विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है। इससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए नए विकल्प मिलेंगे।
विधानसभा से मंजूरी के बाद आगे बढ़ी प्रक्रिया
मास्टर्स यूनियन को विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित करने का प्रस्ताव पहले हरियाणा कैबिनेट के सामने आया था। इसके बाद सितंबर 2026 में हरियाणा विधानसभा ने हरियाणा निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026 पारित किया। अब राज्यपाल की मंजूरी और अधिसूचना के बाद इसे निजी विश्वविद्यालय के रूप में कानूनी मान्यता मिल गई है।
इससे पहले संस्थान के पास आशय पत्र यानी लेटर ऑफ इंटेंट था। प्रस्ताव की जांच निर्धारित अकादमिक और वित्तीय प्रक्रियाओं के तहत की गई थी। संशोधन के जरिए हरियाणा निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2006 की अनुसूची में मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी को शामिल किया गया है।
5.14 एकड़ में होगा विश्वविद्यालय का कैंपस
मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी का प्रस्तावित कैंपस गुरुग्राम में लगभग 5.14 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यहां करीब 1.07 लाख वर्गफुट का निर्मित क्षेत्र पहले से मौजूद है। इसमें लगभग 96,600 वर्गफुट शैक्षणिक गतिविधियों, 5,400 वर्गफुट प्रशासनिक कार्यों और 5,000 वर्गफुट अन्य सुविधाओं के लिए निर्धारित है।
संस्थान की योजना विश्वविद्यालय के विस्तार के साथ कैंपस की सुविधाओं को भी बढ़ाने की है। प्रस्तावित सुविधाओं में उद्यमिता और स्टार्टअप से जुड़े केंद्र, मेकर और एनालिटिक्स लैब, शोध एवं इनक्यूबेशन सुविधाएं, विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था तथा सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों के लिए स्थान शामिल हो सकते हैं। इन सुविधाओं का विकास विश्वविद्यालय की आगे की योजनाओं और नियामकीय प्रक्रियाओं के अनुसार होगा।
मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग पर रहेगा जोर
मास्टर्स यूनियन अभी बिजनेस, मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी से जुड़े कार्यक्रमों के लिए जाना जाता है। विश्वविद्यालय बनने के बाद संस्थान इन क्षेत्रों में अपने शैक्षणिक मॉडल का विस्तार करना चाहता है। मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग के साथ फैमिली बिजनेस और एग्जीक्यूटिव एजुकेशन जैसे क्षेत्रों में भी कार्यक्रम विकसित करने की योजना है।
संस्थान का मॉडल उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों और व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से पढ़ाई पर जोर देता है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान देने के बजाय वास्तविक कारोबारी समस्याओं, उद्यमिता और तकनीकी कौशल से भी परिचित कराना है। हालांकि, विश्वविद्यालय के तहत शुरू होने वाले नए पाठ्यक्रमों और उनकी समय-सारणी की जानकारी संस्थान की ओर से अलग से जारी की जानी होगी।
हरियाणा में बढ़ेंगे उच्च शिक्षा के विकल्प
गुरुग्राम पहले से ही कॉरपोरेट कंपनियों, स्टार्टअप और तकनीकी कारोबार का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में यहां विश्वविद्यालय की स्थापना से उच्च शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग के अवसर बढ़ सकते हैं। विद्यार्थियों को प्रबंधन, तकनीक और उद्यमिता से जुड़े क्षेत्रों में पढ़ाई के अतिरिक्त विकल्प मिल सकते हैं।
हरियाणा सरकार ने उच्च शिक्षा में क्षमता बढ़ाने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के लक्ष्यों की दिशा में निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना है। गुरुग्राम में मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी और रेवाड़ी में कुसुम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी को मान्यता मिलने से राज्य के निजी विश्वविद्यालयों की संख्या 27 से बढ़कर 29 हो गई है।
अब विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रिया, फीस और शैक्षणिक सत्र से संबंधित आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए। किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने से पहले उसकी उपलब्धता और संबंधित मान्यता की जानकारी संस्थान के आधिकारिक माध्यमों से जरूर जांचें।

