Yuva Haryana : हरियाणा में करीब ढाई महीने बाद भी किसानों को खरीफ फसल के खराबे का मुआवजा नहीं मिला है। बाढ़ और बरसात के कारण फसलों को हुए भारी नुकसान के मुआवजे देने में हो रही देरी के चलते अब हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एक्शन में दिखे है।
सीएम ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसल खराबे से संबंधित एक ही फोटो को बार-बार अपलोड कर सरकारी धन का दुरुपयोग एवं धोखाधड़ी करने के मामलों पर कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने ऐसे सभी मामलों में संबंधित पटवारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के आदेशों के बाद ऐसे पटवारियों की पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में जुई खुर्द (भिवानी), बोरीपुर (कुरुक्षेत्र), कालवन (जींद), जंडवाला (फतेहाबाद), पटौदी (गुरुग्राम) और निमली (दादरी) के पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इस संबंध में अन्य दोषियों पर कार्रवाई के लिए गहन जांच जारी है।

सीएम ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक बिना किसी भेदभाव के सरकारी सहायता पहुंचे, जिन किसानों का वास्तविक नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा मिलना सुनिश्चित किया जाए।
आपको बता दें कि मानसून के दौरान अधिक वर्षा से हुए फसली नुकसान की भरपाई के लिए सीएम नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि फसल खराबे की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाए और रिपोर्ट समय पर भेजी जाए।
मुख्यमंत्री ने रिपोर्टों में देरी और धोखाधड़ी के मामले सामने आने पर चिंता व्यक्त की। कई स्थानों पर जहां नुकसान नहीं हुआ, वहां भी संबंधित पटवारियों द्वारा गलत रिपोर्टिंग की गई।
इसके अलावा एक ही फसल खराबे की फोटो को कई बार पोर्टल पर अपलोड कर सरकारी धन के दुरुपयोग का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री ने ऐसे सभी दोषी पटवारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ।
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि सभी जिला उपायुक्तों से इस संबंध में तुरंत रिपोर्ट मांगी जाए और आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि प्रभावित किसानों को अगले एक सप्ताह के भीतर मुआवजा प्रदान कर राहत प्रदान की जा सके।
मुआवजा नहीं मिलने से किसान हताश – दुष्यंत चौटाला
उधर, हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने मुआवजे में हो रही देरी पर सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए है और कहा है कि प्रदेश सरकार में मंत्री ही अपनी ससुराल के गांवों में भरा पानी अभी तक नहीं निकाल पाए हैं, इससे सरकार की किसानों के प्रति उदासीनता व संवेदनहीनता स्पष्ट है।

दुष्यंत चौटाला ने गांव बालसमंद में धरने पर बैठे किसान की मौत को लेकर सरकार को जिम्मेदार बताया और कहा कि पिछले ढाई महीने से सरकार न तो गांवों से बारिश और बाढ़ से भरे हुए पानी को निकालने की व्यवस्था कर पाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज भी हजारों एकड़ जमीन पर अगली फसल की बुआई नहीं हो सकी है और ना ही किसानों को मुआवजा मिला है, जिसके चलते किसान हताश और निराश हैं।



