Yuva Haryana: हरियाणा में दशहरे की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार पंचकूला में विजयादशमी के अवसर पर दुनिया के सबसे ऊंचे 221 फुट के रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में होने वाला यह आयोजन खास आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। आयोजकों को उम्मीद है कि रावण दहन देखने के लिए ट्राइसिटी चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के अलावा आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे।
श्री माता मनसा देवी चैरिटेबल ट्रस्ट दशहरा कमेटी के चेयरमैन विष्णु गोयल के अनुसार, इस आयोजन में ट्राइसिटी और आसपास के इलाकों से करीब 1.5 लाख से 2 लाख लोगों के जुटने की उम्मीद है। विशाल रावण के पुतले के कारण इस बार दशहरा उत्सव को लेकर लोगों में खास उत्साह देखा जा रहा है।
221 फुट ऊंचा रावण बनेगा मुख्य आकर्षण
पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में स्थापित किया जाने वाला 221 फुट का रावण इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता होगा। इसकी विशाल ऊंचाई इसे दशहरा उत्सव का प्रमुख आकर्षण बनाएगी। आयोजकों का दावा है कि यह दुनिया का सबसे ऊंचा रावण का पुतला होगा।
इतने बड़े पुतले को तैयार करना आसान काम नहीं है। अंबाला के बराड़ा निवासी और छह बार गिनीज बुक में नाम दर्ज करा चुके कारीगर तेजिंदर पाल सिंह चौहान और उनकी टीम ने इसे तैयार करने में करीब साढ़े तीन महीने की मेहनत की है।
पुतला बनाने में खर्च हुए 34 से 35 लाख रुपये
221 फुट ऊंचे रावण के निर्माण पर करीब 34 से 35 लाख रुपये की लागत आने की जानकारी दी गई है। पुतले को तैयार करने में कारीगरों और उनकी टीम ने कई महीनों तक काम किया, ताकि दशहरे के दिन इसे भव्य रूप में प्रदर्शित किया जा सके।
रावण दहन देखने के लिए आने वाले लोगों को विशाल पुतले के साथ दशहरा उत्सव का विशेष अनुभव मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आयोजन स्थल पर व्यवस्था और सुरक्षा भी महत्वपूर्ण रहेगी।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर तैयारी
आयोजकों ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पुतले में प्रदूषण फैलाने वाले पारंपरिक पटाखों के इस्तेमाल से परहेज करने की जानकारी दी है। इस पहल का उद्देश्य उत्सव की परंपरा को बनाए रखते हुए पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करना है।
बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में पर्यावरण अनुकूल विकल्पों पर जोर देना जरूरी माना जा रहा है। ऐसे में पंचकूला के दशहरा आयोजन में इस पहल को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
हरियाणा के कई शहरों में भी होगा रावण दहन
पंचकूला के अलावा हरियाणा के कई अन्य शहरों में भी दशहरे पर रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पानीपत, कैथल, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र में भी रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। इन आयोजनों में पर्यावरण अनुकूल पटाखों के इस्तेमाल पर जोर दिए जाने की बात कही गई है।
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। हर साल इस अवसर पर विभिन्न शहरों में धार्मिक कार्यक्रम, मेले और सांस्कृतिक आयोजन होते हैं। इन आयोजनों में परिवारों के साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।
कुरुक्षेत्र में 10 साल की नीति के विरोध की तैयारी
दशहरे के अवसर पर कुरुक्षेत्र में एक अलग मुद्दे को लेकर भी विरोध प्रदर्शन की तैयारी है। अतिथि अध्यापक नियमितीकरण की मांग को लेकर मंगलवार, 20 अक्टूबर को दशहरे के दिन 10 साल की नीति का दहन कर विरोध जताएंगे।
इस तरह हरियाणा में दशहरा उत्सव के दौरान जहां पंचकूला में विशाल रावण दहन मुख्य आकर्षण रहेगा, वहीं दूसरे शहरों में भी धार्मिक आयोजनों के साथ स्थानीय मुद्दे चर्चा में रहेंगे।

