Yuva Haryana : मनरेगा का नाम बदलने और इसे कमजोर किए जाने के आरोपों को लेकर हरियाणा में सियासी संग्राम छिड़ गया है। कांग्रेस और भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।
इस बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जहां विकसित भारत जी राम जी योजना पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों को दुष्प्रचार करार दिया है तो वहीं कांग्रेस ने 10 जनवरी से 25 फरवरी तक राष्ट्रीय व्यापी ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ का ऐलान कर रखा है।
सोमवार को चंडीगढ़ में हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों और जिला अध्यक्षों की हुई बैठक में कांग्रेस ने मनरेगा बचाओ संग्राम शुरू करते हुए इस अभियान को लेकर रणनीति तैयार की।
मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेस राज्य स्तरीय बैठकों का आयोजन करेगी। सभी जिलों में एक दिन उपवास रखकर धरना भी दिया जाएगा।
वहीं कांग्रेस पंचायत स्तर पर जनसंपर्क करके लोगों को बताएगी कि केंद्र सरकार ने मनरेगा खत्म करके योजना से जुड़े लोगों का क्या नुकसान किया है।
इसके अलावा वार्ड स्तर पर मनरेगा बचाओ धरनों का भी आयोजन किया जाएगा। इसके बाद राज्य स्तर पर विधानसभा का घेराव करने की भी घोषणा कांग्रेस ने की है।

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा, राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला, सांसद दीपेंद्र हुड्डा सहित अनेक वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने भाजपा सरकार पर मनरेगा खत्म करने की साजिश रचने का आरोप लगाया।
कांग्रेस का मानना है कि मनरेगा यूपीए सरकार द्वारा लागू किया गया एक ऐतिहासिक कानून है, जिससे प्रत्येक ग्रामीण परिवार को हर साल 100 दिनों के रोजगार का कानूनी अधिकार मिलता है। इस कानून से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
वहीं कांग्रेस की इस बड़ी बैठक में सिरसा से सांसद कुमारी सैजला की गैरहाजिरी भी चर्चा का विषय रही।



