Yuva Haryana: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने निचली अदालतों (Subordinate Courts) में जमानत याचिकाओं (Bail Applications) के लंबे समय तक लंबित रहने पर कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए निर्देश दिया है कि निचली अदालतें जमानत आवेदनों पर पांच कार्यदिवसों (5 Working Days) के भीतर फैसला सुनाएं।
ट्रांसफर याचिका लंबित होने पर भी नहीं टलेगी सुनवाई:
कोर्ट ने साफ किया है कि यदि हाईकोर्ट में केस के ट्रांसफर की याचिका लंबित है, लेकिन उस पर हाईकोर्ट द्वारा कोई अंतरिम रोक (Interim Stay) नहीं लगाई गई है, तो निचली अदालत में सुनवाई की तारीखों को लगातार टाला नहीं जा सकता। निचली अदालतें मामलों पर निर्णय करने के लिए बाध्य हैं।
सिरसा के वैवाहिक विवाद मामले में आया आदेश:
मामले की पृष्ठभूमि: यह मामला सिरसा निवासी प्रतीक गोयल के वैवाहिक विवाद (Matrimonial Dispute) से संबंधित है। पत्नी की शिकायत पर 23 जून 2026 को सिरसा महिला थाना में प्राथमिक दर्ज की गई थी, जिसमें परिवार के चार सदस्य आरोपी बनाए गए थे।
अंतरिम जमानत: अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 10 और 18 जुलाई 2026 को चार सहआरोपियों को अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी थी।
लगातार टल रही थी सुनवाई: शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट में केस ट्रांसफर याचिका दायर की थी, जिस पर कोई रोक नहीं थी। इसके बावजूद निचली अदालत ने प्रतीक गोयल की 24 जुलाई 2026 को दाखिल अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला न लेते हुए सुनवाई लगातार टाली।
हाईकोर्ट का कड़ा रुख: हाईकोर्ट ने निचली अदालत के इस रवैये पर कड़ी असहमति जताई और 14 सितंबर के आदेश को रद्द करते हुए निचली अदालत को निर्देश दिया कि वह 5 कार्यदिवसों के भीतर याचिकाकर्ता की जमानत याचिका पर अंतिम फैसला सुनाए।

