Yuva Haryana: हरियाणा में लगातार चौथी बार सत्ता हासिल करने के लक्ष्य के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2029 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। पार्टी का मुख्य फोकस राज्य की उन 42 विधानसभा सीटों पर है, जहां 2024 के चुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ा था। इन क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने के लिए मंत्रियों और विधायकों को सक्रिय भूमिका निभाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
चुनावी रणनीति बैठकों तक सीमित न रहे: प्रदेश प्रभारी
प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि चुनावी तैयारी केवल बैठकों और कागजी रणनीतियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका असर सीधे जनता के बीच दिखना चाहिए।
भाजपा ने 2024 के चुनाव में जीते अपने 48 विधायकों और मंत्रियों को उन 42 हारी हुई सीटों पर ‘शैडो विधायक’ (Shadow MLA) की जिम्मेदारी सौंपी थी। अब उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे अपने संबंधित क्षेत्रों में कम से कम हर 15 दिन में एक बार दौरा अनिवार्य रूप से करें।
‘काम नहीं करना तो पद छोड़ दें’ — स्मृति ईरानी का कड़ा संदेश
निष्क्रिय पदाधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए स्मृति ईरानी ने कहा:
“पद मिलने का मतलब घर बैठना नहीं है। जो नेता या पदाधिकारी जिम्मेदारी नहीं निभा सकते, वे अपना पद छोड़ दें। पार्टी में सभी कार्यकर्ता समान हैं और हर पदाधिकारी को अपनी जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से निभाना होगा।”
दौरों के दौरान इन प्रमुख बातों पर रहेगा जोर
जनसंवाद: स्थानीय लोगों से सीधा संवाद स्थापित करना और उनकी समस्याएं जानना।
सरकारी योजनाएं: केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने में सहयोग करना।
संगठन की मजबूती: स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर पार्टी के संगठन को मजबूत बनाना।
नाराजगी दूर करना: जनता की नाराजगी और स्थानीय मुद्दों को समझकर उनका त्वरित समाधान करना।
हिसार और सिरसा लोकसभा क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
पंचकूला स्थित कार्यालय में आयोजित दो दिवसीय बैठकों में संगठन की आगामी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। इस मंथन के दौरान हिसार और सिरसा लोकसभा क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि इन इलाकों में कांग्रेस का राजनीतिक प्रभाव अधिक है।
दीपावली के बाद अगली समीक्षा बैठक हिसार या सिरसा क्षेत्र में होने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद प्रदेश प्रभारी के जिला स्तरीय प्रवास भी शुरू किए जाएंगे।
सरकार और संगठन में बेहतर तालमेल पर मंथन
शुक्रवार को प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी, सह-प्रभारी डॉ. भोला सिंह और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता की मौजूदगी में चार महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं।
पहली बैठक: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मंत्रियों, संगठन महामंत्री पवन राणा और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ हुई, जिसमें सरकार और संगठन के बीच समन्वय बढ़ाने पर चर्चा की गई।
कोर ग्रुप बैठक: इस बैठक में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, कृष्णपाल गुर्जर, राव इंद्रजीत सिंह, सुभाष बराला, रामबिलास शर्मा, कैप्टन अभिमन्यु, अनिल विज और कृष्ण कुमार बेदी सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
परिचयात्मक बैठक: विधायक दल के साथ हुई इस बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े प्रमुख सदस्यों ने भी भाग लिया।

