Yuva Haryana: चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम ब्रांच में मालखाना मुंशी के पद पर कार्यरत सहायक उप-निरीक्षक (ASI) सतपाल सिंह (50) ने अपने सरकारी आवास में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले के जाखौदा गांव के रहने वाले सतपाल सिंह चंडीगढ़ के सेक्टर-42 स्थित सरकारी मकान में अपने परिवार के साथ रहते थे।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, सतपाल सिंह के दो सगे भाइयों का कुछ समय पहले निधन हो गया था। इसके बाद से ही वे मानसिक तनाव में चल रहे थे। आगामी दिनों में सोनीपत स्थित उनके घर में भतीजी की शादी का कार्यक्रम था, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सतपाल सिंह पर ही थी।
शादी की तैयारियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए उन्होंने 30 दिन की अर्जित छुट्टी के लिए आवेदन किया था। हालांकि, विभाग द्वारा उन्हें केवल 5 दिन की ही छुट्टी स्वीकृत की गई।
छुट्टी कम मिलने पर उन्होंने दोबारा आवेदन भेजा, जिसे खारिज कर दिया गया। रविवार को उन्होंने परिवार के बाकी सदस्यों को सोनीपत भेज दिया था और स्वयं छुट्टी मिलने का इंतजार कर रहे थे।
पत्नी ने पड़ोसी को भेजा, तो फंदे से लटके मिले
मंगलवार दोपहर ड्यूटी खत्म करने के बाद सतपाल सिंह घर लौटे थे। रात में जब सोनीपत गई पत्नी ने उन्हें कई बार फोन किया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
संदेह होने पर पत्नी ने पड़ोसियों को घर जाकर देखने के लिए कहा। पड़ोसी जब मौके पर पहुंचे और दरवाजे का शीशा तोड़कर अंदर देखा, तो सतपाल सिंह फंदे से लटके हुए थे।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दरवाजा खोलकर शव को फंदे से उतारा और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला खुदकुशी का ही नजर आ रहा है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

