Yuva Haryana : सर्दियों में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए गुरुग्राम प्रशासन ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासन ने प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कई सख्त कदमों की घोषणा की है। इनमें बिना वैध PUC प्रमाणपत्र वाले वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं देने, 1,000 से अधिक स्थानों पर निगरानी और सड़कों की सफाई व धूल नियंत्रण जैसे उपाय शामिल हैं।
यह फैसले जिला समन्वय समिति की बैठक में लिए गए। बैठक में नगर निगम गुरुग्राम (MCG), परिवहन और पर्यावरण से जुड़ी एजेंसियों को सर्दियों से पहले प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को लागू करने की समयसीमा तय की गई।
बिना PUC वाहनों को नहीं मिलेगा ईंधन
वैध Pollution Under Control (PUC) प्रमाणपत्र के बिना वाहनों को गुरुग्राम के पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। 10 साल की निर्धारित अवधि पूरी कर चुके डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर भी सख्ती की जाएगी।
क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को पेट्रोल पंपों के लिए बाध्यकारी निर्देश जारी करने की जिम्मेदारी दी गई है। ईंधन स्टेशनों को CCTV निगरानी के दायरे में लाकर गैर-अनुपालन वाले वाहनों की पहचान करने की योजना है।
1,054 प्रदूषण स्थलों पर सेंसर ग्रिड
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) ने 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले 1,054 संभावित प्रदूषणकारी स्थलों की पहचान की है। इन स्थानों पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी की जाएगी।
907 स्थानों पर वेब कैमरे लगाए जा चुके हैं, जबकि 534 स्थानों पर कम लागत वाले एयर-सेंसर लगाए गए हैं। इन सेंसरों से मिलने वाले आंकड़ों को निगरानी डैशबोर्ड से जोड़ा जाएगा।
निर्माण कार्यों और धूल पर भी नजर
सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए निर्माण और ढांचागत परियोजनाओं पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। नियमों का पालन नहीं करने पर जुर्माना और बार-बार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ काम रोकने के आदेश दिए जा सकते हैं।
धूल नियंत्रण के लिए करीब 40 पानी के टैंकर, 10 ट्रक-माउंटेड और 3 ट्रैक्टर-माउंटेड एंटी-स्मॉग गन तैनात की जा रही हैं। करीब 404.61 किलोमीटर सड़क नेटवर्क पर मैकेनिकल स्वीपिंग का काम भी किया जा रहा है।
2,091 किमी सड़क नेटवर्क की समीक्षा
नगर निगम गुरुग्राम के कुल 2,091 किलोमीटर सड़क नेटवर्क में से 611 किलोमीटर सड़कों को पुनर्विकास और सुधार की जरूरत वाले हिस्से के रूप में चिन्हित किया गया है। वहीं 1,480 किलोमीटर सड़क नेटवर्क को फिलहाल अच्छी स्थिति में बताया गया है।
2026 के सड़क सुधार कार्यक्रम के तहत करीब 396 किलोमीटर के काम में से 179.04 किलोमीटर का काम पूरा होने की जानकारी दी गई है। इनमें से 162 किलोमीटर हिस्सा CAQM के पर्यावरणीय और वायु गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बताया गया है।
8 तक बढ़ेंगे वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग स्टेशन
स्थानीय स्तर पर प्रदूषण के आंकड़ों की निगरानी के लिए गुरुग्राम के Continuous Ambient Air Quality Monitoring Stations (CAAQMS) की संख्या 3 से बढ़ाकर 8 करने की योजना है।
इसके अलावा Integrated Traffic Management System (ITMS) के दूसरे चरण के तहत करीब 258 चौराहों पर 2,722 कैमरे लगाए जा रहे हैं। इनमें लगभग 1,400 कैमरों में Automated Number Plate Recognition (ANPR) की सुविधा होगी, जिससे ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और जाम वाले स्थानों की निगरानी की जा सकेगी।
दिल्ली की सर्दियों की रणनीति से तालमेल
ये कदम दिल्ली सरकार की सर्दियों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए अपनाई जा रही रणनीति के अनुरूप हैं। प्रशासन ने मौसम संबंधी परिस्थितियों में तापमान, हवा की गति और अन्य कारकों पर भी नजर रखने की तैयारी की है, क्योंकि ये कारक प्रदूषण को प्रभावित कर सकते हैं।

