Yuva Haryana: हरियाणा प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और अपर मुख्य सचिव (ACS) सुधीर राजपाल भले ही प्रदेश के मुख्य सचिव (Chief Secretary) न बन पाए हों, लेकिन राज्य सरकार ने उन्हें एक बड़ी राहत दी है। आगामी 30 नवंबर को सेवानिवृत्त (Retire) होने जा रहे सुधीर राजपाल के पास रिटायरमेंट के 15 दिन पहले (15 नवंबर) तक गृह (Home) एवं वित्त (Finance) विभाग के सभी प्रशासनिक अधिकार बने रहेंगे।
नियम में दी गई ढील, जानिए क्या था वजह?
सामान्य नियमों के तहत हरियाणा में 2022 में बने एक कानून के अनुसार, किसी भी प्रशासनिक सचिव की सेवानिवृत्ति से दो महीने पहले उनकी शक्तियों (Powers) को सीमित/प्रतिबंधित कर दिया जाता है। इस नियम का मुख्य उद्देश्य रिटायरमेंट के अंतिम दिनों में होने वाले किसी भी मनमाने फैसले, तबादले (Transfers), नए टेंडर (Tenders) या भर्तियों में संभावित गड़बड़ियों को रोकना होता है।
हालांकि, सूत्रों के मुताबिक सुधीर राजपाल के पास गृह और वित्त जैसे अति-महत्वपूर्ण विभाग होने के कारण प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा था। वित्त विभाग के दैनिक व महत्वपूर्ण कार्यों पर असर पड़ता देख सरकार को विशेष फैसला लेते हुए उनकी शक्तियों के इस्तेमाल की समय-सीमा बढ़ानी पड़ी। अब वह 15 नवंबर तक एक प्रशासनिक सचिव के रूप में अपनी पूर्ण शक्तियों का उपयोग कर सकेंगे।
सीनियरिटी (Seniority) को लेकर क्या था विवाद?
ग्रेडेशन लिस्ट (Gradation List) में 1990 बैच के सबसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुधीर राजपाल ही थे। लेकिन सीनियरिटी क्रम को लेकर प्रशासनिक हलकों में लंबा विवाद चला:
विवाद की वजह: सुधीर राजपाल और सुमिता मिश्रा कैडर बदलकर हरियाणा में आए थे। नियमों के मुताबिक कैडर बदलने वाले अधिकारियों का नाम बैच की सूची में सबसे नीचे होना चाहिए।
केंद्र तक पहुंचा मामला: पूर्व में अनुराग रस्तोगी समेत चार आईएएस अधिकारियों ने सरकार को प्रतिवेदन भेजकर सीनियरिटी बदलने की मांग की थी। केंद्र सरकार ने इस मामले को राज्य स्तर पर ही निपटाने की सलाह दी थी।
रस्तोगी बने मुख्य सचिव: सरकार ने ग्रेडेशन लिस्ट में तो बदलाव नहीं किया, लेकिन अनुराग रस्तोगी को प्रदेश का मुख्य सचिव नियुक्त कर दिया। रस्तोगी को दो बार में कुल डेढ़ साल का एक्सटेंशन मिल चुका है और वह दिसंबर में रिटायर होंगे, जबकि सुधीर राजपाल नवंबर में सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
सुधीर राजपाल का सफरनामा:
शुरुआती अहम जिम्मेदारियां: राजपाल पहले होम सेक्रेटरी के साथ-साथ पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
अतिरिक्त कार्यभार: अरुण गुप्ता के रिटायरमेंट के बाद उन्हें एसीएस फाइनेंस (ACS Finance) का महत्वपूर्ण प्रभार भी सौंपा गया।
ससम्मान विदाई: मुख्य सचिव की दौड़ में पिछड़ने के बावजूद सरकार द्वारा शक्तियों की समय-सीमा बढ़ाकर उन्हें ससम्मान विदाई का अवसर दिया जा रहा है।

