Yuva Haryana: हरियाणा और पंजाब में बेरोजगारी, जल्दी पैसा कमाने की चाहत और सोशल मीडिया पर चमक-धमक वाली जिंदगी (लग्जरी लाइफस्टाइल) के फेर में युवा और नाबालिग तेजी से अपराध के दलदल में फंसते जा रहे हैं। गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसका सिंडिकेट इन युवाओं को अपना शिकार बनाकर अपने गिरोह में भर्ती कर रहा है।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क में एक बार प्रवेश करने के बाद वापसी का रास्ता लगभग बंद हो जाता है; युवाओं के सामने केवल आत्मसमर्पण, एनकाउंटर या जेल का ही विकल्प बचता है।
70% शूटर हरियाणा और पंजाब से: NIA
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने लॉरेंस बिश्नोई, उसके गुर्गों और आतंक के गठजोड़ के खिलाफ जांच में बड़ा खुलासा किया है।
70% युवा व नाबालिग: एनआईए का दावा है कि लॉरेंस गैंग में शामिल लगभग 700 शूटरों में से करीब 70 प्रतिशत युवा और नाबालिग हरियाणा और पंजाब के रहने वाले हैं।
विभिन्न भूमिकाएं: गैंग केवल गोली चलाने के लिए ही नहीं, बल्कि वारदात स्थल की रेकी करने, हथियार व सामान बेचने/खरीदने, शूटरों के रहने-खाने की व्यवस्था करने और वाहन-हथियार उपलब्ध कराने के लिए भी स्थानीय युवाओं का इस्तेमाल करता है।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क: लॉरेंस का सिंडिकेट स्थानीय गैंगस्टरों के साथ-साथ विदेश में बैठे अपराधियों, गुर्गों और बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) जैसे आतंकी संगठनों से सांठगांठ करके अपना नेटवर्क चला रहा है।
कॉलेज कैंपस से रखी गई थी सिंडिकेट की नींव
- लॉरेंस बिश्नोई ने अपने नेटवर्क का विस्तार चंडीगढ़ स्थित डीएवी-10 कॉलेज और पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) में पढ़ाई के दौरान शुरू किया था।
- छात्र राजनीति में सक्रिय रहते हुए उसने स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (SOPU) का गठन किया और धीरे-धीरे अपने संपर्क दायरे को आपराधिक नेटवर्क में बदल दिया।
- इसी दौरान गोल्डी बराड़, विक्की गौंडर, दलप्रीत बाबा, काला जठेड़ी, काला राणा, रोहित गोदारा और हरविंदर सिंह रिंदा जैसे छात्र व अपराधी लॉरेंस के संपर्क में आए।
- बाद में इन्हीं संपर्कों के दम पर लॉरेंस ने एक विशाल आपराधिक सिंडिकेट खड़ा कर दिया।
बड़े कलाकारों पर हमले और रंगदारी की साजिशें
लॉरेंस बिश्नोई गैंग युवाओं को अपने झांसे में लेकर देश-विदेश में अपराध की बड़ी घटनाओं को अंजाम दे रहा है।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड: पंजाब के प्रसिद्ध गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में प्रियव्रत फौजी, मोनू डागर, अंकित सेरसा, कशिश उर्फ कुलदीप, केशव, दीपक मुंडी और प्रवीन सिद्धू उर्फ पब्बी जैसे युवाओं के नाम सामने आए थे।
सलमान खान और टाइगर श्रॉफ पर हमला: मुंबई में अभिनेता सलमान खान के बाद अब अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर जानलेवा हमले की साजिश में हरियाणा के युवाओं को गिरफ्तार किया गया है। सलमान खान मामले में मुख्य शूटर पानीपत के सुखबीर कालिया, भिवानी के दीपक उर्फ जॉन, फतेहाबाद के हरपाल सिंह और गुरुग्राम के कालू उर्फ विशाल की गिरफ्तारी हुई थी। वहीं, टाइगर श्रॉफ मामले में सोनीपत के दो शूटरों को पकड़ा गया है।
विदेश में बैठकर मॉनिटरिंग: हमले की जिम्मेदारी लेने वाला अनिल पंडित पानीपत का रहने वाला है। लॉरेंस के भरोसेमंद गुर्गे तंजानिया, कनाडा और अमेरिका जैसे देशों में बैठकर रंगदारी मांगने और गैंग की गतिविधियों को मॉनिटर करने का काम कर रहे हैं।
छोटे गैंग्स को जोड़कर मजबूत किया नेटवर्क
पंजाब पुलिस से सेवानिवृत्त डीएसपी सागर के अनुसार, लॉरेंस ने पंजाब और हरियाणा के छोटे-बड़े आपराधिक गिरोहों के पूर्व सहयोगियों को अपने साथ जोड़कर अपना दायरा बढ़ाया।
इसमें काला जठेड़ी, काला राणा (वीरेंद्र प्रताप), गोल्डी बराड़ (सतविंदर सिंह), रोहित गोदारा, आरजू बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया जैसे अपराधी शामिल रहे। हालांकि, इनमें से कई गैंग्स के बीच अब आपस में संबंध खराब भी हो चुके हैं।
121 युवाओं को पुलिस ने गैंग से जुड़ने से पहले संभाला
हरियाणा एसटीएफ (STF) ने संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पिछले दो वर्षों में 121 ऐसे युवाओं की पहचान की जो आपराधिक गिरोहों के संपर्क में आ चुके थे।
सुधारात्मक अभियान: एसटीएफ प्रमुख (आईपीएस) के अनुसार, व्यापक निवारक और सुधारात्मक अभियान चलाकर इन युवाओं को समझा-बुझाकर अपराध की दुनिया से दूर रखने की पहल की गई है।
हरियाणा पुलिस की साइबर इकाइयां और जिला पुलिस भी युवाओं को इन गिरोहों के चंगुल से बचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

