Yuva Haryana: हरियाणा में कानून और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने वाली खाकी वर्दी में भ्रष्टाचार की जड़ें लगातार गहरी होती जा रही हैं। हाल ही में सामने आई एक पड़ताल में खुलासा हुआ है कि राज्य में केस दर्ज करने से लेकर समझौते कराने और जांच में हेरफेर करने तक के लिए रिश्वत का खुला खेल चल रहा है।
पिछले 11 वर्षों की जांच रिपोर्ट के अनुसार, भ्रष्टाचार के कुल 574 मामलों में 673 अधिकारी और कर्मचारी पकड़े जा चुके हैं।
30 अलग-अलग तरीकों से ली जा रही रिश्वत
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच में खाकी के भीतर रिश्वतखोरी के 30 अलग-अलग तरीके सामने आए हैं। पुलिस विभाग के अलावा जेल विभाग तथा गृह रक्षी (होमगार्ड) एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में भी भ्रष्टाचार के कई तरीके अपनाए जा रहे हैं।
किन-किन कामों के लिए वसूली जा रही है रिश्वत?
- केस दर्ज करने या रद्द करने के नाम पर
- केस में समझौता कराने के लिए
- आरोपी से मारपीट न करने की एवज में
- केस में राहत और धाराओं में फेरबदल करने के लिए
- पसंद की पोस्टिंग और ट्रांसफर कराने के नाम पर
जांच अधिकारी (IO) सबसे ज्यादा घेरे में
जांच में यह भी सामने आया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में सबसे ज्यादा जांच अधिकारी (Investigating Officers) नपे हैं, जो केस को किसी भी एंगल पर घुमाने की ताकत रखते हैं।
पदवार पकड़े गए आरोपियों का आंकड़ा:
- सहायक उप निरीक्षक (ASI): 223
- मुख्य सिपाही (हेड कांस्टेबल): 181
- उप निरीक्षक (SI): 169
- सिपाही: 58
- इंस्पेक्टर: 39
- उच्च अधिकारी: 1 IPS और 1 HPS अधिकारी भी जांच के दायरे में आ चुके हैं।
भ्रष्टाचार के तीन प्रमुख मामले (Case Studies)
केस-1: हथीन पुलिस चौकी इंचार्ज SI राजेश कुमार को 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते ACB ने रंगे हाथ काबू किया। आरोपी ने शराब पीने का केस दर्ज न करने की एवज में 10 हजार रुपये मांगे थे। वहीं पलवल में ASI होशियार सिंह को वर्ष 2023 के एक हनीट्रैप मामले में समझौता कराने के नाम पर 2 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था।
केस-2: रोहतक की सुनारिया जेल में बंद कैदियों को प्रताड़ित न करने की एवज में 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगने पर सहायक अधीक्षक जेल जोगिंदर और एक चाय वाले को पकड़ा गया। इसी तरह सांपला में डबल मर्डर केस के आरोपी को जेल में कम पिटने और केस छुड़ाने के एवज में ASI दीनबंधु 10 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया।
केस-3: नूंह जिले के होमगार्ड अनीश को 4 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने अपने ही साथी होमगार्ड की पोस्टिंग पलवल से नूंह कराने के नाम पर 7 हजार रुपये मांगे थे, जिसमें से 3 हजार वह पहले ले चुका था।
गुरुग्राम में सबसे ज्यादा 114 पुलिसकर्मी रंगे हाथ पकड़े गए
भ्रष्टाचार के मामले में साइबर सिटी गुरुग्राम का नाम सबसे ऊपर है। पिछले 11 सालों में गुरुग्राम में 114 पुलिस अधिकारी व कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़े जा चुके हैं।
जिलों और इकाइयों के अनुसार पकड़े गए कर्मियों के आंकड़े:
गुरुग्राम: 114
फरीदाबाद: 46
अंबाला: 42
सोनीपत: 40
नूंह: 31
करनाल: 28
पानीपत: 28
पलवल: 25
कैथल: 24
हिसार: 23
कुरुक्षेत्र: 23
यमुनानगर: 21
झज्जर: 20
फतेहाबाद: 18
भिवानी: 18
पंचकूला: 16
सिरसा: 16
रोहतक: 14
नारनौल: 14
रेवाड़ी: 10
हांसी: 10
चरखी दादरी: 8
रेलवे पुलिस: 7
डबवाली: 6
दूरसंचार विभाग: 1
द्वितीय वाहिनी: 2
अपराध शाखा: 1
निष्कर्ष: खाकी के भीतर फैला यह भ्रष्टाचार पुलिस प्रशासन और गृह विभाग के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। एंटी करप्शन ब्यूरो की लगातार कार्रवाइयों के बावजूद रिश्वतखोरी के मामलों पर पूरी तरह से लगाम लगाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

