Yuva Haryana : हरियाणा में सड़क हादसों में इजाफा देखने को मिला है। इन हादसों में मौतों का आंकड़ा तो बेहद चिंताजनक है। यह खुलासा राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की साल 2023 की रिपोर्ट में हुआ।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक साल 2022 के मुकाबले 2023 में सड़क हादसों में 25 प्रतिशत ज्यादा मौतें हुई है। हादसों में एक साल में 6335 मौतें हुई और खराब सड़कों के कारण हर महीने तीन जान गई है।
साल 2023 में रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक दिन की तुलना में 70 प्रतिशत कम वाहन चलते है, लेकिन इस समय हादसे अधिक हुए है। इनका मुख्य कारण नशे में गाड़ी चलाना व ओवरस्पीड बताया जा रहा है।
इस समय हरियाणा में 84 हजार हादसे हुए है। इनमें 4130 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। प्रदेश की खराब सड़कों के कारण हुए हादसों में 37 लोगों की मौत हो गई।
प्रदेश में बाइक और कार चलाने वाले 4407 लोगों की जान गई है। सबसे कम 135 साइकिल सवारों की मौत हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार 2023 में 12217 हादसों में 6535 लोगों की मौत हुई है। साल 2022 में 10429 हादसों में 4915 लोगों की मौत हुई थी।
समाचार पत्र यह भी दावा किया है कि इन सड़क हादसों में मौत का आंकड़ा खौफनाक होने का सबसे बड़ा कारण स्वास्थ्य सेवाओं की कमी भी है।
सरकार प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में ट्रामा सेंटर की सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवा पाई है। 2018 में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने यह घोषणा की थी, लेकिन पूरी नहीं हो पाई।
साथ ही यह भी बताया गया है कि प्रदेश में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे का जाल बिछा हुआ है। यहां पर एक्सीडेंट होने की स्थिति में घायलों को मुख्य अस्पताल तक लाने में आधा घंटा लग जाता है और इस दौरान मरीज की जान चली जाती है।



