Yuva Haryana : रूस और यूक्रेन का युद्ध करीब तीन सालों से जारी है। इस बीच, भारत के कई युवा वार में अपनी जान गवां रहे है और कई युवा युद्ध के मैदान में फंसे हुए है।

हरियाणा के लिए एक और बुरी खबर सामने आई है। दरअसल, रूस-यूक्रेन युद्ध में मारे गए हिसार जिले के गांव मदनहेड़ी निवासी 28 वर्षीय सोनू का पार्थिव शरीर बुधवार दोपहर गांव पहुंचा।

ग्रामीणों ने नम आंखों से सोनू का अंतिम संस्कार किया और शोकाकुल परिवार ने केंद्र सरकार से सोनू को शहीद का दर्जा देने की मांग की है।
करीब एक महीने पहले सोनू के परिवार को एक रूसी अधिकारी ने फोन करके उसकी मौत की जानकारी दी थी।
गांव मदनहेड़ी का ही एक और युवक अमन भी सोनू के साथ रूस गया था। हाल ही में उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो
इस वीडियो में युवक ने अपने हालात बयां करते हुए भारत सरकार से गुहार लगाई है कि गार्ड की नौकरी का झांसा देकर उसे रूस बुलाया गया था, लेकिन 10 दिन के प्रशिक्षण के बाद उसे युद्ध के मैदान में भेज दिया गया। वहां रोज मौत उसके सामने खड़ी होती है।
मदनहेड़ी के ग्रामीण जहां सोनू की मौत के गम डूबे हुए है तो वहीं ग्रामीणों को अब अमन की भी चिंता सता रही है।
आपको बता दें कि करीब दो हफ्ते पहले ही कैथल जिले के एक और युवक करम चंद का शव भी रूस-यूक्रेन युद्ध में मरने के बाद उसके गांव लाया गया था।

करमचंद और सोनू की मौत ने अब रूस-युक्रेन युद्ध में हरियाणा के उन छह लापता युवकों के परिवारों को झकझोर कर रख दिया है, जो अब भी अपने बेटों की खबर के इंतजार में है।
भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोनू और करमचंद उन सात भारतीयों में शामिल थे, जिनमें पंजाब और राजस्थान के युवक भी शामिल थे। इन सभी ने इस साल अगस्त में 15 दिनों का प्रशिक्षण लिया था।
सोनू के बड़े भाई का कहना है कि उन्हें 19 सितंबर को एक रूसी सैन्य अधिकारी का संदेश मिला कि सोनू यूक्रेनी हमले में मारा गया है। उसके साथ प्रशिक्षण लेने वाले अन्य युवकों ने सोनू के परिवार को बताया है कि सोनू को ड्रोन ने मारा था, जबकि करम के कंधे पर चोट लगी थी। राजस्थान के दोनों युवक भी लापता हैं।



