गीता महोत्सव में पहली बार दिखेगी नौसेना, वायुसेना और इसरो की ताकत, 5 से 25 दिसंबर तक कुरुक्षेत्र में आयोजन
Yuva India: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाला अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 इस बार कई मायनों में खास रहने वाला है। धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ महोत्सव में देश की सैन्य शक्ति, अंतरिक्ष विज्ञान और सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिलेगी। पहली बार भारतीय नौसेना, वायुसेना और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) इस आयोजन में अपनी विशेष प्रदर्शनी लगाएंगे। इसके अलावा भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) भी महोत्सव में भाग लेगी।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन 5 से 25 दिसंबर 2026 तक कुरुक्षेत्र में किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की 83वीं बैठक में महोत्सव की तैयारियों और कार्यक्रमों की जानकारी दी। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने की। इस बार पश्चिम बंगाल और दिल्ली को पार्टनर स्टेट बनाया गया है। दोनों राज्यों की कला, संस्कृति, खान-पान और परंपराओं को महोत्सव में प्रदर्शित किया जाएगा।
पहली बार नौसेना, वायुसेना और इसरो की प्रदर्शनी
इस बार महोत्सव का एक बड़ा आकर्षण रक्षा और विज्ञान से जुड़ी प्रदर्शनियां होंगी। भारतीय नौसेना, भारतीय वायुसेना और इसरो पहली बार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में हिस्सा लेंगे। इन संस्थानों की ओर से अपनी उपलब्धियों और तकनीकी क्षमताओं को प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन में ICCR की भागीदारी से देश की सांस्कृतिक विविधता को भी अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा।
महोत्सव में हरियाणा के गठन के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इसके अलावा शिल्पकारों का मेला और गीता पुस्तक मेला भी पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
2 दिसंबर से शुरू होगी जागरूकता यात्रा
महोत्सव से पहले कुरुक्षेत्र के 48 कोस क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 2 दिसंबर से शुरू होगा और क्षेत्र के 182 तीर्थ स्थलों तक पहुंचेगा। इसके बाद 4 दिसंबर को पिपली से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें विभिन्न सांस्कृतिक झांकियां शामिल होंगी।
महोत्सव के दौरान भगवत कथा, गीता सम्मेलन, धार्मिक आयोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। 18 से 20 दिसंबर तक हरियाणा के विभिन्न जिलों में जिला स्तरीय कार्यक्रम भी होंगे। गांवों के मंदिरों में गीता पाठ आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही देशभर के केंद्रीय विद्यालयों और जवाहर नवोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी कार्यक्रमों से जोड़ने की योजना है।
ब्रह्मसरोवर के पास 120 करोड़ से बनेगा गेस्ट हाउस
महोत्सव के साथ कुरुक्षेत्र में पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई विकास परियोजनाओं पर भी काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ब्रह्मसरोवर के पास करीब 6.5 एकड़ जमीन पर 90 कमरों का आधुनिक गेस्ट हाउस बनाने की योजना की जानकारी दी। इस परियोजना पर लगभग 120 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा ज्योतिसर में प्रवेश द्वार और गीता स्तंभ बनाया जाएगा। पुरुषोत्तमपुरा में गुरु तेग बहादुर सिंह द्वार का निर्माण प्रस्तावित है। प्राचीन द्रौपदी कूप का पुरातत्व विभाग की सिफारिशों के अनुसार नवीनीकरण किया जाएगा। ब्रह्मसरोवर के सौंदर्यीकरण के लिए मोरपंख की आकृति वाली लाइटें और टाइलें लगाने की योजना भी है। पेहोवा स्थित सरस्वती तीर्थ के विकास और परिक्रमा मार्ग से जुड़े कार्यों पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ कुरुक्षेत्र के 11 चौराहों का नवीनीकरण किया जाएगा।
स्वच्छता और यातायात व्यवस्था पर रहेगा विशेष ध्यान
महोत्सव में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए स्वच्छता, परिवहन और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। आयोजन से पहले विशेष स्वच्छता अभियान चलाने और सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए टीमों के गठन की योजना है।
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के लिए बस सेवाओं और आयोजन स्थलों तक पहुंच को सुगम बनाया जाए। वहीं, मुख्यमंत्री ने लंबित विकास कार्यों की समीक्षा और गुणवत्ता जांच के लिए कुरुक्षेत्र के उपायुक्त तथा अपने ओएसडी की संयुक्त कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। कमेटी विकास कार्यों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देगी और अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
इस बार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ विज्ञान, रक्षा, शिक्षा और भारतीय संस्कृति को एक मंच पर लाने का प्रयास करेगा। इससे कुरुक्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत पहचान मिलने की उम्मीद है।

