हरियाणा में विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए ‘धरोहर शास्त्री इंटर्नशिप’ शुरू, एक महीने तक सीखेंगे अभिलेख संरक्षण का काम
Yuva Haryana: हरियाणा के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और इतिहास में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए अच्छी खबर है। हरियाणा राज्य अभिलेखागार विभाग ने ‘धरोहर शास्त्री इंटर्नशिप कार्यक्रम’ शुरू किया है। इसके तहत युवाओं को प्रदेश की ऐतिहासिक, प्रशासनिक और सांस्कृतिक दस्तावेजी विरासत को करीब से समझने के साथ उसके संरक्षण और डिजिटलीकरण का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। इस इंटर्नशिप की अवधि एक महीने रखी गई है।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें वास्तविक अभिलेखीय कार्यों से जोड़ना है। इसके माध्यम से प्रतिभागी पुराने सरकारी दस्तावेजों को सुरक्षित रखने, उनका रिकॉर्ड तैयार करने, वर्गीकरण करने और डिजिटल रूप में संरक्षित करने की प्रक्रिया सीख सकेंगे। गुरुग्राम के उपायुक्त उत्तम सिंह ने भी विद्यार्थियों, शोधार्थियों और अभिलेखीय विषयों में रुचि रखने वाले युवाओं से इस कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप तैयार किया गया कार्यक्रम
धरोहर शास्त्री इंटर्नशिप कार्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप तैयार किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में अनुभव आधारित शिक्षा, कौशल विकास और विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया है।
इसी दिशा में यह कार्यक्रम युवाओं को हरियाणा की दस्तावेजी विरासत से जोड़ने का प्रयास है। इंटर्नशिप के दौरान उन्हें यह समझने का अवसर मिलेगा कि पुराने सरकारी रिकॉर्ड को किस तरह सुरक्षित रखा जाता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए उसका संरक्षण कैसे किया जाता है।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस इंटर्नशिप में अलग-अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों और शोधार्थियों को शामिल किया गया है। पात्रता का विवरण इस प्रकार है:
- इतिहास: इतिहास में डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थी, स्नातक के दूसरे वर्ष या उससे आगे के छात्र, स्नातकोत्तर विद्यार्थी और शोधार्थी आवेदन कर सकते हैं।
- अभिलेख विज्ञान और धरोहर अध्ययन: इतिहास, धरोहर और पुरातन विषयों में रुचि रखने वाले कम से कम स्नातक योग्यताधारी उम्मीदवार पात्र हैं।
- पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान: इस विषय से जुड़े उपयुक्त शैक्षणिक दस्तावेज रखने वाले विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।
- सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी: मान्यता प्राप्त संस्थानों से इन विषयों की पढ़ाई कर रहे या संबंधित अकादमिक पृष्ठभूमि रखने वाले अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं।
इस तरह कार्यक्रम में केवल इतिहास के विद्यार्थियों तक ही अवसर सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि संबंधित सामाजिक विज्ञान और मानविकी विषयों के युवाओं को भी शामिल किया गया है।
एक महीने तक मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
धरोहर शास्त्री इंटर्नशिप की अवधि एक महीने निर्धारित की गई है। इस दौरान प्रतिभागियों को अभिलेखीय सामग्री के रखरखाव, दस्तावेजों के संरक्षण, अभिलेखीकरण और डिजिटलीकरण से जुड़े कार्यों की जानकारी दी जाएगी।
पुराने दस्तावेजों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना एक विशेष प्रक्रिया है। इसके लिए उनकी पहचान, वर्गीकरण, उचित रखरखाव और डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना जरूरी होता है। इंटर्नशिप के जरिए युवाओं को इन सभी प्रक्रियाओं की व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।
यह अनुभव उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो भविष्य में इतिहास, शोध, अभिलेख प्रबंधन, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान या संग्रहालय प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
आवेदन के लिए जमा करने होंगे ये दस्तावेज
कार्यक्रम में भाग लेने के इच्छुक उम्मीदवारों को पंजीकरण फॉर्म के साथ अपना अपडेटेड बायोडाटा (CV), उद्देश्य विवरण (Statement of Purpose-SOP) और अन्य जरूरी शैक्षणिक दस्तावेज जमा करने होंगे।
कार्यक्रम की पात्रता, पंजीकरण और अन्य दिशा-निर्देशों की जानकारी हरियाणा राज्य अभिलेखागार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी www.haryanaarchives.gov.in पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा विभाग से 0172-2992112 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। विभाग का कार्यालय सिंचाई भवन, सेक्टर-5, पंचकूला में स्थित है।
युवाओं को प्रदेश की विरासत से जोड़ने की पहल
धरोहर शास्त्री इंटर्नशिप कार्यक्रम से विद्यार्थियों को हरियाणा के इतिहास और प्रशासनिक दस्तावेजों को समझने का अवसर मिलेगा। साथ ही, अभिलेखों के संरक्षण और डिजिटलीकरण जैसे क्षेत्रों में उनकी व्यावहारिक दक्षता भी विकसित हो सकेगी।
यह पहल प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के साथ युवा पीढ़ी को शोध और दस्तावेज प्रबंधन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है।

