Yuva Haryana : अमर शहीद राव तुलाराम का शहीदी दिवस इस बार दक्षिणी हरियाणा की पारंपरिक सीमा से बाहर हांसी जिले में पहली बार मनाया जा रहा है। बुधवार को दिल्ली रोड टी-पॉइंट पर नवनिर्मित राव तुलाराम चौक का लोकार्पण और उनकी विशाल प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह मुख्य अतिथि और हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी।
राजनीतिक मायने समझे…
राव तुलाराम का शहीदी दिवस लंबे समय से राव इंद्रजीत सिंह के सार्वजनिक कार्यक्रमों से जुड़ा रहा है। इससे पहले ऐसे आयोजन मुख्य रूप से दक्षिणी हरियाणा के क्षेत्रों में होते रहे हैं। इस बार आयोजन का हांसी पहुंचना राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से चर्चा का विषय बना हुआ है।
राजनीतिक मायनों में इसे राव तुलाराम की ऐतिहासिक विरासत को दक्षिण हरियाणा से आगे व्यापक हरियाणवी पहचान से जोड़ने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही राव इंद्रजीत सिंह और उनकी बेटी आरती राव की एक साथ मौजूदगी भी आयोजन को राजनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण बना रही है।
कार्यक्रम का आयोजन यादव सभा की ओर से किया जा रहा है। दिल्ली रोड टी-पॉइंट पर तैयार किए गए चौक पर राव तुलाराम की करीब 22 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है, जबकि इसका बेस करीब 17 फुट का बताया गया है। यानी बेस सहित प्रतिमा की कुल ऊंचाई करीब 41 फुट है। प्रतिमा के पास 85 फुट ऊंचा तिरंगा भी स्थापित किया गया है।
ड्रोन से होगा प्रतिमा का अनावरण
समारोह की एक खास बात प्रतिमा का अनावरण भी है। राव इंद्रजीत सिंह ड्रोन के जरिए प्रतिमा का अनावरण करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हांसी के विधायक विनोद भयाना करेंगे, जबकि भिवानी-महेंद्रगढ़ से सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधियों के भी शामिल होने की जानकारी है।
आरती राव की मौजूदगी पर भी नजर
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव की मौजूदगी को भी कार्यक्रम का अहम पहलू माना जा रहा है। वह दक्षिण हरियाणा के अलावा प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय रही हैं। हांसी में पिता राव इंद्रजीत सिंह के साथ उनकी मौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा है।
राव तुलाराम की विरासत को नया विस्तार देने की कोशिश
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नायकों में शामिल राव तुलाराम की स्मृति में हर वर्ष 23 सितंबर को शहीदी दिवस मनाया जाता है। इस बार हांसी में आयोजन होने से उनकी विरासत को दक्षिणी हरियाणा से बाहर भी सार्वजनिक रूप से सामने लाने का अवसर मिला है।

