Yuva Haryana: हरियाणा के करीब 84 लाख बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) की ओर से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त फ्यूल पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है।
बिजली वितरण कंपनियों ने आयोग से वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1,134.54 करोड़ रुपये की एफपीपीएएस राशि वसूलने की अनुमति मांगी थी। इसके तहत सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं से प्रति यूनिट 47 पैसे अतिरिक्त शुल्क लेने का प्रस्ताव रखा गया था। आयोग के फैसले के बाद फिलहाल उपभोक्ताओं को यह अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।
क्या है पूरा मामला ?
यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन ने आयोग के समक्ष दायर याचिका में कहा था कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान बिजली खरीद और ईंधन लागत में वृद्धि के कारण एफपीपीएएस की राशि समय पर वसूल नहीं की जा सकी। इसलिए बकाया राशि की भरपाई के लिए उपभोक्ताओं से अतिरिक्त शुल्क वसूलने की अनुमति दी जाए।
कंपनियों का तर्क था कि लगभग 950 करोड़ रुपये से अधिक की राशि विभिन्न कारणों से समय पर वसूल नहीं हो सकी, जिससे वित्तीय दबाव बढ़ गया है।
आयोग ने क्यों खारिज किया प्रस्ताव ?
हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि एफपीपीएएस लागू करने के लिए निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करना आवश्यक है। आयोग ने पाया कि बिजली वितरण कंपनियां समय पर आवश्यक कार्रवाई और वसूली नहीं कर सकीं।
आयोग ने कहा कि कंपनियों की प्रशासनिक और प्रक्रियागत देरी का बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जा सकता। इसलिए 1,134.54 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की वसूली के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया गया।
उपभोक्ताओं को कितना फायदा ?
यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता तो राज्य के लाखों घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को बिजली के प्रत्येक यूनिट पर 47 पैसे अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता। आयोग के फैसले से उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिली है और उनके बिजली बिलों में प्रस्तावित बढ़ोतरी टल गई है।
आगे क्या होगा ?
आयोग ने कहा है कि बिजली कंपनियां भविष्य में नियमानुसार आवेदन कर सकती हैं। साथ ही आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के टैरिफ आदेश के दौरान कंपनियों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा। हालांकि फिलहाल उपभोक्ताओं से अतिरिक्त एफपीपीएएस वसूली की अनुमति नहीं दी गई है।

