हरियाणा में नवंबर के अंत तक बढ़ेगी ठंड, सर्दी देगी जल्द दस्तक; गेहूं-सरसों की बुवाई में आएगी तेजी
Yuva Haryana: हरियाणा में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलने लगा है। अक्टूबर के दौरान सामान्य से अधिक तापमान रहने के बाद अब नवंबर में ठंड बढ़ने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, महीने के शुरुआती दिनों में दिन का तापमान सामान्य के आसपास रह सकता है, जबकि सुबह और रात के समय ठंड का एहसास बढ़ेगा। नवंबर के दूसरे पखवाड़े में तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश में सर्दी इस बार जल्द दस्तक दे सकती है।
कमजोर मानसून और अल नीनो के प्रभाव के चलते इस बार हरियाणा में सर्दी का प्रकोप पिछले वर्षों की तुलना में कम रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि, नवंबर के आखिरी दिनों में ठंड बढ़ सकती है। महीने के अंत में पश्चिमी विक्षोभ आने से मौसम में बदलाव और तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।
अक्टूबर में सामान्य से ज्यादा गर्म रहा मौसम
अक्टूबर के दौरान हरियाणा में दिन और रात का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। महीने में दिन का तापमान करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रहा। वहीं, प्रदेश के औसत तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिली।
अक्टूबर में प्रदेश के औसत तापमान में करीब 2.9 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हिसार में अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस और नारनौल में 27.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। रात के तापमान में औसतन 0.8 डिग्री की कमी आई, जो सामान्य गिरावट से करीब 1.7 डिग्री अधिक रही।
इससे साफ है कि अक्टूबर के दौरान दिन में गर्मी का असर बना रहा, जबकि रात के समय धीरे-धीरे ठंडक बढ़ने लगी थी।
नवंबर के पहले सप्ताह में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम के शुरुआती पूर्वानुमान के अनुसार, नवंबर के पहले सप्ताह में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान दिन में धूप निकलने से तापमान सामान्य के आसपास बना रह सकता है। हालांकि, सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस होगी।
पंजाब केसरी की 1 नवंबर की मौसम रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा में 5 नवंबर तक आसमान साफ और मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। इस दौरान दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि रात के तापमान में गिरावट जारी रहने की संभावना है।
मौसम में बदलाव के साथ सुबह और शाम के समय हल्की ठंडी हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को दिन और रात के तापमान के अंतर को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
नवंबर के अंत में बढ़ सकती है ठंड
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, नवंबर के दूसरे पखवाड़े से तापमान में गिरावट का असर ज्यादा महसूस हो सकता है। महीने के अंतिम दिनों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने पर उत्तर भारत के मौसम में बदलाव आने की संभावना रहती है।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी या बारिश होने पर मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं पहुंच सकती हैं। इससे हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में न्यूनतम तापमान गिर सकता है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ का समय और उसका असर मौसम विभाग के आगामी पूर्वानुमानों पर निर्भर करेगा।
गेहूं और सरसों की बुवाई में आएगी तेजी
बदलते मौसम का असर खेती पर भी दिखाई देगा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने से किसानों को रबी फसलों की बुवाई के लिए खेत तैयार करने का मौका मिलेगा। खासतौर पर गेहूं और सरसों की बुवाई में तेजी आने की उम्मीद है।
हाल के दिनों में हुई बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में खेतों में नमी और पानी भरने से बुवाई का काम प्रभावित हुआ था। अब मौसम साफ रहने पर किसान खेतों को तैयार कर सकेंगे और बुवाई का काम आगे बढ़ा पाएंगे।
सरसों की बुवाई के लिए समय महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में मौसम अनुकूल रहने से किसानों को राहत मिल सकती है। वहीं, गेहूं की बुवाई के लिए भी खेतों में उचित नमी और तापमान जरूरी है।
लोगों को सुबह-शाम ठंड से रहना होगा सावधान
नवंबर में दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने से सुबह और देर शाम ठंड महसूस हो सकती है। बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सुबह और रात में हल्के गर्म कपड़े पहनना फायदेमंद रहेगा।
कुल मिलाकर, हरियाणा में नवंबर की शुरुआत सामान्य मौसम के साथ होने की संभावना है, लेकिन महीने के आखिरी हिस्से में ठंड बढ़ सकती है। किसानों के लिए मौसम साफ रहना गेहूं और सरसों की बुवाई के लिहाज से राहत देने वाला साबित हो सकता है।

