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Reading: विरोध के बाद UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, कही ये बड़ी बात
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विरोध के बाद UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, कही ये बड़ी बात

Yuva Haryana
Last updated: January 29, 2026 6:11 pm
Yuva Haryana
Published: January 29, 2026
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Yuva Haryana : उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव रोकने के लिए जारी यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ देशभर में हुए विरोध के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।

वीरवार को सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी विनियम, 2026 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगी दी है। अब नए आदेश तक 2012 के नियम ही लागू रहेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘यूजीसी प्रमोशन ऑफ इक्विटी रेग्युलेशंस 2026’ के प्रावधानों में प्रथम दृष्टया अस्पष्टता है और इनके दुरुपयोग की आशंका है।

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साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि विशेषज्ञों की एक समिति इन नियमों में खामियों को भरने पर विचार कर सकती है।

आपको बता दें कि बुधवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर सुनवाई के लिए सहमति जताई थी। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा था कि हम जानते है कि क्या हो रहा है। सुनिश्चित करेंगे कि सभी खामियां दूर हों। हम इसे सूचीबद्ध करेंगे।

यूजीसी नियमों के खिलाफ लगातार विरोध तेज हो रहा था। यूपी में एक आंदोलनकारी ने अपने खून से प्रधानमंत्री को पत्र लिखा। वहीं कई भाजपा पदाधिकारियों ने भी खुलकर इसका विरोध जताया था।

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भाजपा के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र ने यूजीसी के नए नियमों को असंवैधानिक करार दिया और कहा था कि इसे वापस लेना चाहिए। अलग-अलग जाति के आधार बजाय सभी लोगों को अधिकार देना चाहिए ताकि जिसके खिलाफ भेदभाव हुआ हो, वो शिकायत कर सके।

वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने यूजीसी के नियमों का समर्थन किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि सामान्य वर्ग के कुछ जातिवादी लोग ही विरोध कर रहे है, जो ठीक नहीं। सरकार और संस्थान ध्यान दें कि ऐसे कदम सामाजिक तनाव का कारण न बने।

हरियाणा के शहरी निकायों के वार्डों से निर्वाचित होने वाले जन-प्रतिनिधि पार्षद (कोंसलर) नहीं, बल्कि सदस्य कहलाएंगे

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