Yuva Haryana: हरियाणा में दो अलग-अलग हादसों में दो बास्केटबॉल खिलाड़ियों की मौत ने ग्राउंड पर प्लेयर्स की सेफ्टी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों ही हादसों में प्रैक्टिस के दौरान जर्जर बास्केटबॉल पोल खिलाड़ियों पर गिरा और उनकी मौत हो गई। इनमें एक हादसा बहादुरगढ़ का है, तो दूसरा रोहतक में हुआ।
रोहतक में एक राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी की अभ्यास के दौरान दुखद मौत हो गई। प्रैक्टिस करते समय बास्केटबॉल का 750 किलो का जर्जर पोल अचानक उसके सीने पर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

गांव लाखनमाजरा में ग्राउंड में प्रैक्टिस करते वक्त नेशनल बास्केटबॉल खिलाड़ी 17 वर्षीय हार्दिक राठी हादसे के शिकार हो गए। मंगलवार को सुबह करीब साढ़े दस बजे हार्दिक एकेडमी में अभ्यास कर रहे थे। उस वक्त टीम के अन्य सदस्य साइड में आराम कर रहे थे।
उसी दौरान जंप करते वक्त बास्केट बाल की पोल हार्दिक पर गिर गई। पास में ही मौजूद में बैठे खिलाड़ियों ने चंद सेकेंड में हार्दिक को पोल के नीचे निकालकर उपचार के लिए अस्पताल में पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया है।
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हार्दिक राठी तीन सब जूनियर नेशनल व एक यूथ की नेशनल में खेल चुका था। बास्केट बॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया की इंदौर एकेडमी में चयनित हो चुका था।
वहीं बहादुरगढ़ के रेलवे रोड पर स्थित शहीद ब्रिगेडियर होशियार सिंह स्टेडियम में रविवार को 15 वर्षीय बास्केटबॉल खिलाड़ी अमन प्रैक्टिस कर रहा था, तभी जर्जर बास्केटबॉल पोल अचानक टूटकर उसके ऊपर गिर पड़ा। पोल अमन के पेट पर लगा, जिससे उसे गंभीर अंदरूनी चोटें आईं।

हादसे के तुरंत बाद अमन को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर रोहतक के पीजीआईएमएस रेफर कर दिया गया। परिवार के मुताबिक पीजीआई में अमन को समय पर सही इलाज नहीं मिला, जिसके चलते उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और सोमवार रात उसने दम तोड़ दिया।
10वीं कक्षा का छात्र अमन श्री रामा भारती पब्लिक स्कूल में पढ़ता था और कुछ ही दिन पहले उसने स्कूल की खेलकूद प्रतियोगिता में पदक जीता था। परिवार ने जर्जर खेल व्यवस्था और विभागीय लापरवाही को होनहार खिलाड़ी की मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
वहीं प्रमुख समाचार पत्रों ने इन हादसों को हत्या के रूप में प्रकाशित किया है और जर्जर व्यवस्था को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है। उनके मुताबिक रोहतक में चार साल पहले स्टेडियम मेंटेनेंस के लिए 11 लाख रुपए मिले थे, लेकिन अधिकारी टेंडर प्रक्रिया में ही उलझे रहे।
उधर, अधिकारियों का कहना है कि विभाग ने जिले के 14 स्टेडियम की मेंटेनेंस के लिए 2.1 करोड़ रुपए का बजट लोक निर्माण विभाग को सौंपा हुआ है। अभी तक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
लाखनमाजरा के स्टेडियम में 500 खिलाड़ी अभ्यास करते है। खिलाड़ी दो साल से खेल विभाग अधिकारियों से मैदान व उपकरण ठीक करने की मांग कर रहे है, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे।
हार्दिक के कोच का कहना है कि तीन महीने पहले स्टेडियम में मेंटेनेंस की मांग को लेकर वे सीएम नायब सैनी से मिले थे। करीब दो महीने पहले जेई ने भी स्टेडियम में दौरा किया, लेकिन काम नहीं हुआ। उनका स्पष्ट कहना है कि हार्दिक की मौत अफसरों की लापरवाही से हुई है।



