Yuva Haryana: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं और जनसमस्याओं के समाधान की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि किसी भी शिकायत का वास्तविक निस्तारण तभी माना जाएगा, जब संबंधित नागरिक स्वयं यह पुष्टि करे कि उसकी समस्या का समाधान हो गया है।
शुक्रवार को गुरुग्राम में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की समस्याओं की जानकारी, उनके समाधान और समाधान के बाद नागरिकों से फीडबैक लेने की व्यवस्था पर विशेष जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि जब तक नागरिक संतुष्ट नहीं होगा, तब तक शिकायत को पूरी तरह निस्तारित नहीं माना जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के पास नागरिकों की समस्याओं की निगरानी के लिए एक समानांतर व्यवस्था है, जिसकी वे स्वयं मॉनिटरिंग करते हैं। इसके माध्यम से जमीनी स्तर पर लोगों को आने वाली परेशानियों और उनके समाधान की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त होती रहती है।
उन्होंने कहा कि कई बार वे स्वयं नागरिकों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझते हैं और संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखते हैं। उनका उद्देश्य मुख्यमंत्री और आम नागरिक के बीच की दूरी को कम करना तथा लोगों का सरकार पर विश्वास मजबूत करना है।
अधिकारियों की जवाबदेही होगी तय
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के समाधान के बाद नागरिकों से नियमित फीडबैक लिया जाए। यदि किसी मामले में अधिकारी समाधान की रिपोर्ट दें, लेकिन नागरिक संतुष्ट न हो, तो मामले की दोबारा जांच की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शिकायत का निस्तारण केवल फाइल बंद करने से नहीं होता, बल्कि नागरिक को वास्तविक राहत मिलना ही उसका सही समाधान है। गुरुग्राम में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करने वाले अधिकारियों की ग्राउंड परफॉर्मेंस को उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) में भी दर्ज किया जाएगा।
एसटीपी मामले में कार्रवाई
गुरुग्राम में एक बिल्डर द्वारा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का उचित संचालन नहीं किए जाने के मामले में लापरवाही बरतने वाले हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
गुरुग्राम के लिए महत्वपूर्ण फैसले
गुरुग्राम की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
- रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) के लिए जोनवार क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।
- दिल्ली से गुरुग्राम में कूड़ा डालने वाले वाहनों को जब्त किया जाएगा और उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
- गुरुग्राम की जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ककरोई हेड से बसई जल शोधन संयंत्र तक 585 किलोमीटर लंबी भूमिगत दबावयुक्त पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
- 1,993.59 करोड़ रुपये की इस परियोजना का शिलान्यास जनवरी में किया जाएगा और इसे 30 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण शहरों पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहर हरियाणा की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास की रीढ़ हैं। ऐसे शहरों के विकास और नागरिक सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल निर्णय लेना नहीं, बल्कि उन निर्णयों को जमीनी स्तर पर लागू करना है ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलें और सरकार तथा जनता के बीच विश्वास और संवाद मजबूत हो।

