5-6 नवंबर को पूरे प्रदेश में चक्का जाम की चेतावनी, हिसार-सिरसा में बस सेवाएं प्रभावित
Yuva Haryana: हरियाणा में रोडवेज बसों से सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी आने वाले दिनों में बढ़ सकती है। अपनी लंबित मांगों और बकाया भत्तों के भुगतान को लेकर हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने 5 और 6 नवंबर को प्रदेशव्यापी चक्का जाम करने का ऐलान किया है। कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया तो आंदोलन को अनिश्चितकाल तक बढ़ाया जा सकता है।
इससे पहले हिसार, सिरसा और हांसी डिपो में कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन और हड़ताल जारी है। सोमवार, 2 नवंबर तक इन डिपो में बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित थीं। रोहतक सहित दूसरे डिपो के कर्मचारियों ने भी आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
हिसार, सिरसा और हांसी में बसों का संचालन प्रभावित
हिसार डिपो में कर्मचारियों की हड़ताल लगातार तीसरे दिन जारी रहने से बसों का संचालन ठप रहा। इससे डिपो को रोजाना करीब 18 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। हिसार डिपो की बस सेवाओं पर प्रतिदिन निर्भर रहने वाले 30 हजार से अधिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हांसी में भी लगभग 72 बसें डिपो में खड़ी रहीं।
सिरसा में रोडवेज कर्मचारियों के आंदोलन के कारण 100 से अधिक बसें सड़कों पर नहीं उतरीं। दिल्ली, चंडीगढ़, गुरुग्राम, पोखरण और हनुमानगढ़ जैसे लंबी दूरी के रूटों के साथ स्थानीय मार्गों पर भी असर पड़ा। डबवाली सब-डिपो के कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हो गए। स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को भी बसों की कमी के कारण परेशानी हुई।
हिसार में हांसी, उकलाना और आदमपुर जैसे ग्रामीण रूटों पर यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा। कुछ यात्रियों ने निजी बसों और ऑटो चालकों द्वारा अधिक किराया वसूलने की शिकायत भी की।
क्या हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें?
हरियाणा रोडवेज ज्वाइंट स्ट्रगल कमेटी के सदस्य मंजीत सोरखी के अनुसार, कर्मचारियों की कई वित्तीय मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- वर्ष 2023 और 2024 के लंबित ट्रैवल अलाउंस (TA) बिलों का भुगतान।
- करीब 13 मेडिकल बिलों का निपटारा।
- लीव ट्रैवल कंसेशन (LTC) के दावों का भुगतान।
- अप्रैल से लंबित ओवरटाइम राशि जारी करना।
- नाइट ड्यूटी और दैनिक भत्तों का भुगतान।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे सितंबर से अधिकारियों को ज्ञापन देकर अपनी समस्याएं उठा रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण आंदोलन करना पड़ा।
इसके अलावा, प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत कर्मचारी पे-ग्रेड में सुधार, 2016 में भर्ती चालकों को नियमित करने, खाली पदों पर नई भर्ती, लंबित बोनस और अर्जित अवकाश बहाल करने जैसी मांगें भी उठा रहे हैं। निजी परमिट और किलोमीटर स्कीम से जुड़ी नीतियों का भी विरोध किया जा रहा है।
प्रबंधन से बातचीत के बावजूद नहीं निकला समाधान
हिसार में डिपो महाप्रबंधक राहुल मित्तल, ट्रैफिक मैनेजर प्रीतम सिवाच और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई, लेकिन कर्मचारियों की मांगों पर सहमति नहीं बन पाई। कर्मचारी लिखित और स्पष्ट आश्वासन चाहते हैं।
सिरसा में कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल ने महाप्रबंधक अजय दलाल से मुलाकात की थी। प्रबंधन ने पहले बकाया भुगतान के लिए 2 दिसंबर तक का समय मांगा था, जिसे कर्मचारियों ने स्वीकार नहीं किया। बाद में अधिकारियों की ओर से कुछ लंबित भत्तों के भुगतान के लिए बजट मिलने और शेष राशि जारी कराने के प्रयासों की जानकारी भी सामने आई। इसके बावजूद कर्मचारी सभी बकाया भुगतान का समाधान चाहते हैं।
रोहतक में भी कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
हिसार और सिरसा के कर्मचारियों के समर्थन में रोहतक डिपो पर भी सांकेतिक प्रदर्शन किया गया। कर्मचारी नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि आंदोलनरत कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई तो दूसरे डिपो के कर्मचारी भी विरोध तेज कर सकते हैं।
यात्रियों को क्या करना चाहिए?
5 और 6 नवंबर को प्रस्तावित राज्यव्यापी चक्का जाम के कारण हरियाणा में लंबी दूरी और स्थानीय बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। यात्रियों को सलाह है कि यात्रा से पहले संबंधित रोडवेज डिपो से बसों के संचालन की जानकारी ले लें और जरूरी सफर के लिए वैकल्पिक व्यवस्था रखें।
फिलहाल सभी की नजर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली बातचीत पर है। यदि समय रहते मांगों पर सहमति नहीं बनी तो दिवाली से पहले प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन पर बड़ा असर पड़ सकता है।

