Yuva Haryana: हरियाणा में सोमवार को हुई भारी बारिश ने धान की कटाई को प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में खेतों में खड़ी धान की फसल बारिश के कारण जमीन पर गिर गई है। वहीं खेतों में नमी बढ़ने से कटाई में कई दिनों की देरी होने की आशंका है। किसानों को फसल की गुणवत्ता और पैदावार कम होने की भी चिंता सता रही है।
करनाल में सीजन की सबसे ज्यादा एक दिन की बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, करनाल में 113.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इस सीजन में एक दिन में हुई सबसे अधिक बारिश बताई गई है। इसके अलावा अंबाला में 37.4 मिमी, जींद में 26.5 मिमी, कैथल में करीब 30 मिमी, पंचकूला में 15.5 मिमी, रोहतक में 14.5 मिमी, कुरुक्षेत्र में 13 मिमी, सोनीपत में 10 मिमी और यमुनानगर में 9 मिमी बारिश दर्ज की गई।
तैयार धान की फसल पर बारिश की मार
किसानों के मुताबिक कई खेतों में धान की फसल कटाई के लिए तैयार थी और कंबाइन हार्वेस्टर की व्यवस्था भी की जा चुकी थी। अचानक हुई बारिश के कारण अब कटाई रोकनी पड़ी है।
किसानों का कहना है कि कई जगह धान की फसल जमीन पर गिर गई है। खेतों में ज्यादा नमी रहने से कटाई में देरी होगी और इससे फसल की गुणवत्ता तथा पैदावार प्रभावित होने की आशंका है।
हार्वेस्टिंग विंडो कम होने की चिंता
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र लाथेर के अनुसार, बेमौसम बारिश के कारण धान की कटाई के लिए उपलब्ध समय कम हो सकता है। उन्होंने सरकार से धान खरीद में नमी संबंधी नियमों में राहत देने और कंबाइन हार्वेस्टर के संचालन से जुड़ी समय-सीमा में बदलाव पर विचार करने का आग्रह किया।
उनका कहना है कि पहले जहां किसानों के पास कटाई के लिए करीब 20 से 25 दिन का समय रहता था, बारिश के कारण यह अवधि 15 दिन से भी कम हो सकती है।
किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह
करनाल के कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. जसविंदर सिंह ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि अभी तक फसल नुकसान की कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसानों को फसल में नुकसान होने पर इसकी जानकारी संबंधित ब्लॉक कृषि अधिकारी या उप निदेशक कृषि कार्यालय को देने की सलाह दी गई है।

