Yuva Haryana : हरियाणा के सिरसा जिले से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक जेल वार्डर ने बैरक में खुदकुशी करके डीएसपी समेत दो अधिकारियों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
दरअसल, वीरवार शाम को सिरसा जिला जेल के वार्डन सुखदेव सिंह ने अपनी बैरक में जहरीला पदार्थ खाकर सुसाइड कर ली। मरने से पहले वार्डन ने जेल महानिदेशक और जेल सुपरिटेंडेंट के नाम पर दो सुसाइड नोट भी छोड़े, जिसमें उन्होंने डीएसपी समेत दो अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे ड्यूटी लगाने को लेकर इन्होंने प्रताड़ित किया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का दबाव बनाया।
परिजनों के मुताबिक वार्डन सुखदेव लंबे समय से दिल की बीमारी से जूझ रहे थे। उनके दिल में दो स्टेंट लगे हुए थे और इसी कारण उन्होंने 14 दिसंबर को पुलिस उप अधीक्षक से रात की ड्यूटी न लगाने का अनुरोध किया था।
आरोप है कि इस अनुरोध पर अधिकारी भड़क गए और इसके बाद लगातार उन्हें परेशान किया जाने लगा। सुसाइड नोट में सुखदेव सिंह ने लिखा है कि बीते 15 दिनों तक उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार फतेहाबाद के हिजरावां खुर्द निवासी दीप सिंह ने पुलिस को शिकायत देते हुए आरोप लगाया है कि उनका बेटा 53 वर्षीय सुखदेव सिंह पिछले सात साल से सिरसा जेल में कार्यरत था और जेल क्वार्टर में रहता था।
31 दिसंबर को जेल उपाधीक्षक वरुण गोदारा से उनके बेटे सुखदेव की ड्यूटी लगाने को लेकर बहस हो गई थी। जेल उपाधीक्षक ने उनके बेटे पर शराब के नशे में होने का आरोप लगाया और मेडिकल जांच कराई। अगले दिन सुखदेव ने जेल अधीक्षक के पास जाकर माफी भी मांग ली थी और ड्यूटी पर वापस लेने की भी बात हो गई थी।
आरोप है कि इसके बावजूद सुखदेव को ड्यूटी पर नहीं लिया गया। वीरवार शाम को परेशान होकर सुखदेव ने अपनी बैरक में जहरीला पदार्थ पी लिया। इलाज के लिए पहले सरकारी अस्पताल और फिर परिजन एक प्राइवेट अस्पताल भी लेकर गए, लेकिन देर रात सुखदेव की मौत हो गई।
आत्महत्या से पहले सुखदेव ने अपने बेटे को फोन भी किया था। परिजनों के मुताबिक उन्होंने बताया कि दोनों अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर वह जहरीला पदार्थ खा रहे हैं। उनके बैग में जेल महानिदेशक और जेल सुपरिटेंडेंट के नाम लिखा सुसाइड नोट रखा है।
कॉल के दौरान उन्होंने अपने बेटे से कहा कि “मैं इन दरिंदों से हार गया हूं, अपना और मां का ख्याल रखना और मुझे माफ कर देना”
वहीं मामले में पुलिस ने मृतक के परिजनों की शिकायत पर आरोपियों पर प्रथमिकी दर्ज कर ली है। पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए है।



