Yuva Haryana: आईडीएफसी (IDFC) बैंक के 659 करोड़ रुपये के महाघोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सोमवार सुबह चंडीगढ़ और पंचकूला में दबिश देकर 4 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
पकड़े गए आरोपियों में मोहित गोयल, मनोज शर्मा, गौरव कंसल और सीए (CA) सिद्धार्थ नरूला शामिल हैं।
चंडीगढ़ के प्लॉट नंबर 91 से संचालित हुआ 90+ करोड़ का कैश कन्वर्जन
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने चंडीगढ़ के सेक्टर स्थित प्लॉट नंबर-91 से 90 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध कैश कन्वर्जन रैकेट चलाया।
आरोपियों का काला चिट्ठा और उनकी भूमिका:
सीए सिद्धार्थ नरूला:
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के नाम से फर्जी बैंक खाते खोलकर धोखाधड़ी की।
मार्च 2025 में दो वेंडर्स के फर्जी खाते खुलवाए और 11 जुलाई 2025 को ₹98.13 लाख का फर्जी डेबिट करवाकर रकम बुलियन ट्रेडर्स को भेजी।
इसमें शामिल एक व्यक्ति की 18 सितंबर 2025 को मृत्यु हो गई थी। इसके बावजूद फरवरी 2026 में मृतक के बैंक खाते में ₹58.96 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।
मोहित गोयल (मालिक, मेसर्स चंडीगढ़ मेगा स्टोर):
IDFC बैंक मैनेजर रिभव ऋषि से मिलीभगत कर 112 ट्रांजेक्शन के जरिए ₹80 करोड़ की रकम का लेन-देन किया।
सरकारी एजेंसियों के माध्यम से ₹59.50 करोड़ और भगवती सिंडिकेट को ₹45.45 करोड़ ट्रांसफर किए। बिना सामान खरीदे फर्जी बिलों के आधार पर लेनदेन किया गया।
गौरव कंसल (संचालक, मेसर्स भारत डिस्ट्रीब्यूटर्स):
सिंडिकेट का सबसे बड़ा मनी कनवर्टर। इसने 2 साल में 140 से ज्यादा ट्रांजेक्शन कर ₹94 करोड़ का अवैध खेल रचा।
फर्जी बैंक एंट्रीज बनाकर पैसे को बुलियन व ज्वेलर्स के खातों में घुमाया।
मनोज शर्मा (संचालक, मेसर्स मां वैभव लक्ष्मी इंटीरियर्स):
HDFC और इंडसइंड बैंक खातों के जरिए HSSPP से 16 फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ₹21.64 करोड़ रुपये हड़पे।
बैंक मैनेजर रिभव ऋषि के कहने पर ज्वैलर्स और स्कूलों को करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए व अफसरों के फ्लैट का इंटीरियर कराया।
IAS अधिकारी के बेटे तक ऐसे पहुंचे ₹2 करोड़ (हवाला नेटवर्क)
जांच रिपोर्ट के अनुसार, 20 जनवरी 2026 को नगरपालिका कालका के सरकारी खाते से ₹18.46 करोड़ का फर्जीवाड़ा किया गया था। इसमें से:
- ₹4 करोड़ आरबीएल (RBL) बैंक खाते में पहुंचे।
- उसी दिन ₹2.50 करोड़ मोहित गोयल के चंडीगढ़ मेगा स्टोर में ट्रांसफर किए गए।
- 22 जनवरी को बैंक मैनेजर रिभव ऋषि के कहने पर मोहित गोयल ने ₹2 करोड़ कैश जुटाए।
- उसी शाम हवाला चैनल के माध्यम से यह ₹2 करोड़ की नगदी नई दिल्ली में आरोपी आईएएस अधिकारी आर.के. सिंह के बेटे को डिलीवर करवाई गई।
सीबीआई (CBI) ने कोर्ट में दी ये दलीलें:
रिकवरी और कड़ियों की तलाश: मोहित गोयल द्वारा निकाले गए करोड़ों रुपये के नेटवर्क और कड़ियों का पता लगाना आवश्यक है।
हवाला नेटवर्क की पड़ताल: दिल्ली भेजे गए ₹2 करोड़ के मामले में शामिल अन्य उच्च अधिकारियों की भूमिका उजागर करना।
डिजिटल सबूत और जब्ती: आरोपियों के फर्जी खातों के सिम कार्ड, बैंक पासवर्ड और डिजिटल डिवाइसेज जब्त करना।
संपत्तियों की पहचान: घोटाले की रकम से खरीदी गई बेनामी संपत्तियों, सोने और रिश्वत में बांटी गई राशि का ब्योरा जुटाना।

