Yuva Haryana: हरियाणा भाजपा संगठन में हलचल और सरगर्मी तेजी से बढ़ गई है। 7 अक्टूबर को पार्टी का केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व राज्य के तीन अलग-अलग क्षेत्रों में एक साथ मोर्चा संभालेगा।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पार्टी के सभी 48 विधायकों के साथ की गई बैठक के ठीक चार दिन बाद यह बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इसे पार्टी के आगामी संगठनात्मक अभियानों और दीर्घकालिक ‘मिशन-2029’ की नींव मजबूत करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
जानें किस नेता को कहां मिली जिम्मेदारी:
अमित शाह (केंद्रीय गृह मंत्री): कुरुक्षेत्र में आयोजित ‘सेवा ज्योति यात्रा’ में मुख्य रूप से शिरकत करेंगे। शाह यहां कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे और संगठन के पदाधिकारियों के साथ सेवा गतिविधियों को विस्तार देने पर चर्चा करेंगे।
स्मृति ईरानी (प्रदेश भाजपा प्रभारी): जींद में आयोजित ‘सेवा ज्योति यात्रा’ में भाग लेंगी। प्रदेश प्रभारी बनने के बाद स्मृति का यह पहला हरियाणा दौरा है, जहां वह स्थानीय कार्यकर्ताओं से जमीनी स्थिति का फीडबैक लेंगी।
भोला सिंह (प्रदेश सह-प्रभारी): करनाल में ‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे और स्थानीय संगठन को गति देंगे।
मिशन-2029 की तैयारी और बूथ स्तर पर सक्रियता
प्रधानमंत्री मोदी ने विधायकों को जनता से लगातार संवाद बनाए रखने और सामान्य विकास कार्यों से आगे बढ़कर स्थायी सामाजिक कार्यों से पहचान बनाने का संदेश दिया था।
इसी रणनीति के तहत भाजपा अब ‘सेवा कार्यक्रमों’ के माध्यम से बूथ और मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने में जुट गई है। यद्यपि 2029 का चुनाव अभी दूर है, लेकिन केंद्रीय नेताओं के इस तूफानी दौरे से साफ संकेत है कि पार्टी निचले स्तर तक संगठन को अभी से मजबूत करने के मूड में है।

