Yuva Haryana : हरियाणा में पंचायत विभाग ने नया बड़ा फैसला लिया है। अब निदेशालय की मंजूरी के बिना विकास कार्यों के लिए फंड आवंटित नहीं किया जाएगा।
विकास एवं पंचायत विभाग हरियाणा के नियमों में नए बदलाव के तहत पंचायतों से लेकर मुख्यालय तक विकास कार्यों की मंजूरी प्रक्रिया को जरूरी कर दिया है।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार इस नई व्यवस्था के तहत अब कोई भी पंचायत तब तक पैसा नहीं निकाल पाएगी, जब तक वह विकास कार्यों की तीन चरणों वाली जियो टैगिंग तस्वीरें निदेशालय को भेजकर मंजूर नहीं करवाती।
हाल ही में इस आदेश को जारी किया गया है। इस आदेश से पंचायतों पर सरकार की निगरानी बढ़ जाएगी और अब पंचायतों को विकास का पैसा काम करने के बाद ही मिलेगा।
आपको बता दें कि पहले पंचायतें अपने स्तर पर एस्टीमेट तैयार करके एक्सईएन तक भेज देती थी। लेकिन, अब नए आदेश के अनुसार 21 लाख रुपए तक के सभी एस्टीमेट चीफ इंजीनियर-2 हेडक्वार्टर को भेजने होंगे।
वहीं एक्सईएन की रिपोर्ट चीफ इंजीनियर-1 को भेजी जाएगी। पंचायतों के बिल अब सीधे एचआरडीएफ के अकाउंट ऑफिसर की जगह वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी के बाद विभाग के एमडी के पास जाएंगे।
खबर यह भी सामने आ रही है कि हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष ने इस फैसले को लेकर बीजेपी के एक राज्यसभा सदस्य से मुलाकात की है और सरकार द्वारा इस फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग उठाई है।



