Yuva Haryana: हरियाणा में सड़कों की गुणवत्ता सुधारने और निर्माण कार्यों में लापरवाही रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाने की तैयारी की है। अब सड़क निर्माण में गड़बड़ी या समय से पहले सड़क खराब होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। सड़क की गुणवत्ता को लेकर गंभीर शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) खराब हो सकती है। इसके साथ ही सड़क निर्माण से जुड़े अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए जाएंगे, ताकि आम लोग सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।
सरकार का उद्देश्य सड़कों के निर्माण और रखरखाव में पारदर्शिता बढ़ाना, ठेकेदारों की जिम्मेदारी तय करना और शिकायतों का समय पर समाधान करना है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए और शिकायतों को अनदेखा न किया जाए।
सड़क खराब होने पर तय होगी अधिकारियों की जिम्मेदारी
नई व्यवस्था के तहत हरियाणा में सड़कों की स्थिति की नियमित समीक्षा की जाएगी। यदि किसी सड़क का निर्माण गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं होता या सड़क समय से पहले खराब हो जाती है, तो संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाएगी।
निर्माण कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। गंभीर मामलों में उसकी एसीआर पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे सड़क निर्माण से जुड़े अधिकारियों और विभागों की जिम्मेदारी बढ़ेगी।
सरकार का जोर इस बात पर है कि सड़क निर्माण केवल कागजों पर पूरा न हो, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी निर्धारित मानकों के अनुसार हो। इसके लिए निरीक्षण और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
शिकायत के लिए सार्वजनिक होंगे मोबाइल नंबर
सड़क निर्माण और मरम्मत से संबंधित शिकायतों को आसान बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों के मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे। इससे नागरिक सड़क पर गड्ढे, निर्माण में गड़बड़ी, खराब सामग्री के इस्तेमाल और मरम्मत में देरी जैसी समस्याओं की जानकारी सीधे अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे।
शिकायतों को दर्ज करने और उनका समाधान करने की प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाने की योजना है। सरकार का मानना है कि आम लोगों की भागीदारी से सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर निगरानी रखना आसान होगा।
दस दिन में समाधान करने पर जोर
सड़क निर्माण से जुड़ी शिकायतों का समाधान दस दिन के भीतर करने पर जोर दिया गया है। संबंधित विभागों को शिकायत मिलने के बाद उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी होगी। इससे लोगों को लंबे समय तक सड़क संबंधी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
हालांकि, शिकायत के समाधान में समस्या की प्रकृति, तकनीकी जांच और मरम्मत की जरूरत भी महत्वपूर्ण होगी। इसलिए शिकायतों की निगरानी और कार्रवाई की स्थिति पर नियमित नजर रखना जरूरी होगा।
कॉलोनियों में जिम्मेदारी कॉलोनाइजर की होगी
सरकार की योजना के तहत विकसित कॉलोनियों में सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी स्पष्ट की जाएगी। जहां सड़कें कॉलोनाइजर द्वारा विकसित की गई हैं, वहां संबंधित नियमों के अनुसार उनकी जवाबदेही तय की जाएगी।
यदि कॉलोनाइजर सड़क निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी पूरी नहीं करता, तो संबंधित विभाग कार्रवाई कर सकता है। इसके अलावा विभागों के बीच जिम्मेदारी को लेकर भ्रम दूर करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि शिकायत मिलने पर कार्रवाई में देरी न हो।
7,352 किलोमीटर सड़कों के सुधार का लक्ष्य
हरियाणा में करीब 7,352 किलोमीटर सड़कों के सुधार कार्यों को मंजूरी दी गई है। इनमें विभिन्न विभागों के अंतर्गत आने वाली सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा 770 किलोमीटर सड़कों पर काम पूरा होने की जानकारी भी दी गई है।
सड़कों की मरम्मत और सुधार से ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है। अच्छी सड़कें न केवल यात्रा को सुविधाजनक बनाती हैं, बल्कि व्यापार, परिवहन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देती हैं।
स्मार्ट सड़कों पर भी रहेगा ध्यान
हरियाणा के गुरुग्राम समेत अन्य शहरी क्षेत्रों में सड़कों को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसमें सड़क सुरक्षा, बेहतर साइनबोर्ड, उचित लाइटिंग और पैदल यात्रियों की सुविधाओं जैसे पहलुओं को महत्व दिया जा सकता है।
सरकार की इन पहलों का उद्देश्य सड़क निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करना और जनता की शिकायतों पर जवाबदेही के साथ कार्रवाई करना है। यदि नई व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो सड़क निर्माण में लापरवाही कम करने और मरम्मत कार्यों में सुधार लाने में मदद मिल सकती है।

