Yuva Haryana: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अब भवन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रदेश में स्कूलों की नई इमारतों को मजबूत, सुरक्षित और उच्च गुणवत्तायुक्त बनाने के लिए प्रतिष्ठित और नामी कंपनियों को आमंत्रित कर टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि ये भवन इतने मजबूत हों कि कम से कम 50 साल तक बिना किसी बड़ी समस्या के उपयोग में लाए जा सकें।
13 अक्टूबर की समीक्षा बैठक में लिया गया फैसला
13 अक्टूबर को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित विद्यालय शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में करीब 719 नए स्कूल भवनों के निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
मुख्य बिंदु और तय सीमाएँ (Timelines):
कुल बजट: 719 स्कूलों में भवन निर्माण और आधारभूत सुविधाओं (इंफ्रास्ट्रक्चर) की कमियों को दूर करने के लिए करीब ₹200 करोड़ की राशि की जरूरत बताई गई है।
कंडम घोषित भवनों पर कार्रवाई: जो भवन जर्जर और कंडम घोषित हो चुके हैं, उन्हें हटाने की प्रक्रिया 1 नवंबर तक पूरी की जाएगी।
टेंडर प्रक्रिया: कंडम भवनों के पुनर्निर्माण के लिए 15 दिन के भीतर टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।
उद्घाटन एवं निर्माण लक्ष्य:
1 नवंबर 2027: 118 नए स्कूल भवनों का उद्घाटन किया जाएगा।
1 जनवरी 2028: शेष सभी भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
कैसी होंगी नई इमारतें?
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बताया कि अगले 15 से 20 दिनों में निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। नए स्कूल भवनों को बच्चों की जरूरतों के अनुकूल और पूर्ण सुरक्षित बनाया जाएगा। इनमें:
- पर्याप्त खुला स्थान (Open Space)
- प्राकृतिक रोशनी (Natural Light)
बेहतर वेंटिलेशन और ताजी हवा की उचित व्यवस्था रहेगी।

