Yuva Haryana : हरियाणा में प्लॉटों पर निर्माण को लेकर राज्य सरकार ने नियमों में बदलाव किया है। इसके लिए प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने निर्माण समय सीमा बढ़ाने के संबंध में नई गाइडलाइन जारी की है।
अब प्लॉटों पर निर्माण में देरी के चलते सरकार एक्सटेंशन फीस लेगी। इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की आवासीय और व्यावसायिक योजनाओं में प्लॉट लेकर कई सालों तक निर्माण नहीं करने के चलते सरकार ने ऐसे सख्त कदम उठाए है।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार प्लॉटों पर भवन निर्माण पूरा न करने या बिल्कुल निर्माण न करने पर प्लॉट धारकों को भारी एक्सटेंशन फीस भरनी पड़ेगी।
यूएलबी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार बिल्डिंग प्लान की वैधता बढ़ाने के लिए अलग-अलग दरों पर शुल्क तय किया गया है। यह शुल्क प्लॉट मिलने की दिनांक से लेकर सेल डीड के लिए आवेदन करने तक की दिनांक तक लिया जाएगा।
इसमें दो श्रेणियों में एक्सटेंशन फीस तय की गई है। इनमें प्लॉट पर भवन बनने के बाद भी पूर्णता प्रमाण पत्र नहीं लेने पर नगर निगम क्षेत्र अनुसार प्रति वर्ग प्रति वर्ष एक्सटेंशन फीस ली जाएगी।
इसके तहत गुरुग्राम, मानेसर और फरीदाबाद नगर निगम क्षेत्र में 30 रूपए, अन्य नगर निगमों क्षेत्रों में 20 रूपए, नगर परिषद में 15 रूपए और नगर समिति में 10 रुपए प्रति वर्ग मीटर प्रति वर्ष एक्सटेंशन फीस वसूली जाएगी। भवन अनुमत मानकों से अधिक बना है तो फीस अलग से होगी।
वहीं दूसरी श्रेणी की बात करें तो प्लॉट में कोई निर्माण नहीं होने पर एक्सटेंशन फीस ज्यादा लगेगी। इसके तहत गुरुग्राम, मानेसर और फरीदाबाद नगर निगम में 60 रुपए, हिसार और अन्य नगर निगम में 40 रुपए, नगर परिषद में 30 रुपए और नगर समिति में 20 रुपए प्रति वर्ग मीटर प्रति वर्ष एक्सटेंशन फीस देनी पड़ेगी।



