Yuva Haryana : हरियाणा के नए बने हांसी जिले में मोबाइल फोन लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे एक व्यक्ति को एसपी से मिलने की अनुमति नहीं देने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी किया है। आयोग ने मामले में चार सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी है।
दरअसल, मामला 29 दिसंबर 2025 का है। हांसी निवासी और सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता नवीन बामेल शहर में नशे की समस्या को लेकर तत्कालीन एसपी अमित यशवर्धन से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे थे। बामेल का आरोप है कि पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें एसपी से मिलने से पहले अपना मोबाइल फोन जमा करने के लिए कहा।
फोन जमा नहीं किया तो नहीं मिलने दिया
बामेल ने पुलिस कर्मचारियों से मोबाइल फोन जमा कराने की शर्त का कानूनी या प्रशासनिक आधार पूछा? उनका कहना है कि उन्हें इसके लिए कोई कानून, नियम, लिखित आदेश या सुरक्षा संबंधी प्रोटोकॉल नहीं दिखाया गया। ऐसे में उन्होंने मोबाइल फोन जमा करने से इनकार कर दिया।
इसके बाद पुलिस कर्मचारियों ने एसपी से बात की और उन्हें बताया कि वह एसपी से नहीं मिल सकते। शिकायत के मुताबिक उनका विजिटिंग कार्ड भी वापस कर दिया गया।
30 दिसंबर को दी थी शिकायत
अपनी शिकायत देते हुए बामेल ने आरोप लगाया कि इस घटना से अधिकारियों द्वारा मनमाने तरीके से अधिकारों के इस्तेमाल का मामला सामने आता है। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 में दिए गए मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।
उन्होंने 30 दिसंबर 2025 को इस संबंध में लिखित शिकायत दी, जिसे क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS) में दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद उन्हें जांच, कार्रवाई या मामले के नतीजे के बारे में कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई।
बामेल के अनुसार बाद में उनकी शिकायत को हरियाणा राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने भी खारिज कर दिया।
NHRC ने मांगी कार्रवाई की रिपोर्ट
इसके बाद बामेल ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का रुख किया। उन्होंने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करने और प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
शिकायत पर विचार करने के बाद NHRC ने पुलिस अधिकारियों से चार सप्ताह के भीतर विधिवत अनुवादित एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) पेश करने को कहा है। इस बीच, तत्कालीन एसपी अमित यशवर्धन का हांसी से तबादला हो चुका है।

