Yuva Haryana: हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले चुनाव आयोग साल 2002 और 2024 की मतदाता सूचियों को खंगालकर मिलान करने में जुटा हुआ है। कभी भी एसआईआर की घोषणा चुनाव आयोग द्वारा की जा सकती है, लेकिन इससे पहले हरियाणा में करीब 29 लाख वोटों में गड़बड़ी सामने आई है।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार चुनाव आयोग को 29 लाख ऐसे मतदाता मिले है, जिनके पिता-पुत्र के नाम सही नहीं पाए गए। ऐसे में अब आयोग ने इन संदिग्ध मतदाताओं की जांच करने के लिए खंड स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की ड्यूटी लगाई है कि आखिर मतदाता सूची में पिता-पुत्र के नाम एक समान क्यों नहीं है ? इसकी पहचान सुनिश्चित की जाए।
जानकारी अनुसार अब इन 29 लाख संदिग्ध मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच पड़ताल की जाएगी। ऐसे में जांच में जो सही पाए जाएंगे, उनके वोट बरकरार रहेंगे और फर्जी वोट को मतदाता सूची हटा दिया जाएगा।
आपको बता दें कि चुनाव आयोग एसआईआर की आधिकारिक घोषणा से पहले तैयारियों में जुटा हुआ है। प्रदेश में दो करोड़ सात लाख से ज्यादा मतदाता है और इनमें से एक करोड़ 21 लाख मतदाताओं का मिलान कार्य किया जा चुका है।
प्रदेश में अब तक 58 प्रतिशत मतदाताओं सूचियों का मिलान हो चुका है। एक अन्य समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार 20 ऐसे विधानसभा क्षेत्र है, जहां साल 2002 और 2024 की मतदाता सूचियों का मिलान 50 प्रतिशत भी नहीं हो पाया है। इन 20 विधानसभा क्षेत्र में से 16 पर भाजपा, एक पर भाजपा समर्थित निर्दलीय और तीन पर कांग्रेस के उम्मीदवार विधानसभा चुनाव जीते थे, जो कि सभी शहरी सीटें है।
इनमें अंबाला कैंट, थानेसर, सोहना, भिवानी, पलवल, रोहतक, पानीपत ग्रामीण, पानीपत सिटी, बहादुरगढ़, पंचकूला, करनाल, फरीदाबाद, फरीदाबाद एनआईटी, हिसार, सोनीपत, गुरुग्राम, तिगांव, बल्लभगढ़, बड़खल और बादशाहपुर शामिल है।
हालांकि, चुनाव आयोग ने मिलान नहीं होने के पीछे दो दशकों में हुए शहरीकरण को बताया है और कहा है कि इसके चलते कई लोगों के नाम साल 2002 की मतदाता सूची शामिल नहीं है। एक अन्य कारण ये भी बताया गया है कि बीएलओ को सोसायटी में जाने परेशानी हो रही है।
आयोग द्वारा 20 हजार से ज्यादा बीएलओ को मतदाता सूची मिलान के कार्य में लगा रखा है, जिसे आगे भी जारी रखा जाएगा। सबसे कम मिलान का कार्य फरीदाबाद में करीब 26 प्रतिशत, गुरुग्राम में करीब 32 प्रतिशत और पंचकुला में करीब 43 प्रतिशत हुआ है।
वहीं सबसे ज्यादा मिलान फतेहाबाद में करीब 77 प्रतिशत, दादरी में 75 प्रतिशत और सिरसा में करीब 74 प्रतिशत हुआ है।
एक बड़ी बात ये भी है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके हरियाणा में 25 लाख वोट चोरी करने का आरोप भाजपा सरकार पर लगाया था, जिसके बाद चुनाव आयोग उन नामों को वेरीफाई कर रहा है।
हालांकि, चुनाव आयोग ने कांग्रेस के आरोपों की जांच करवाकर उसका खंडन किया है। लेकिन इस दौरान वोटर सूचियों में जरूर 29 लाख मतदाताओं और उनके पिता के नाम एक ही है।



