Yuva Haryana : हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह का एक बयान इन दिनों खासा सुर्खियों में है। उनका मानना है कि दिल्ली एनसीआर में रहने चलते उनकी उम्र 10 साल घट गई है और यही हाल रहा तो आने वाली पीढ़ियों को ऐसी गंभीर बीमारियां लग जाएगी, जिसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। पर्यावरण मंत्री ने ऐसा क्यों कहा और इसके पीछे क्या वजह है ? चलिए आपको बताते हैं…
दरअसल, पिछले काफी समय से देश की राजधानी दिल्ली और आस-पास के क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने जैसे अनेक गंभीर स्वास्थ्य संकटों का सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा का सोनीपत, गुरुग्राम, धारूहेड़ा, फरीदाबाद, बहादुरगढ़, रोहतक जैसे कई शहर लगातार देशभर में सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में शामिल है।
इन तमाम हालातों को देखते हुए प्रदूषण पर रोकथाम की जिम्मेदारी देख रहे पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने बढ़ते प्रदूषण पर बड़ी चिंता जाहिर की है। उनका मानना है कि केवल सरकार के प्रयासों से प्रदूषण पर कंट्रोल नहीं पाया जा सकता है, इसके लिए जनता का सहयोग बेहद जरूरी है। इतना ही नहीं उनका कहना है कि प्रदूषण के कारण खुद उनकी उम्र 10 साल घट गई है।
वहीं उन्होंने खुद ये भी माना है कि हरियाणा में लगे एयर क्वालिटी इंडेक्स मशीनें प्रदूषण का सही हाल नहीं बता पा रही है। उनका कहना है कि ये मशीनें 500 एक्यूआई से ऊपर का आंकड़ा दिखा ही नहीं पाती, जबकि असल में प्रदूषण इससे कहीं ज्यादा हो सकता है।
इस बारे राव नरबीर ने कहा कि एक दिन वे अखबार पढ़ रहे थे, जिसमें पाकिस्तान के लाहौर का एक्यूआई 1900 दिखा रखा था। इस संबंध में जब उन्होंने पता किया तो उन्हें जानकारी मिली कि एक्यूआई 1900 हो सकता है, क्योंकि हमारे यहां मशीन ही 500 एक्यूआई बताने वाली है।
पर्यावरण मंत्री का मानना है कि प्रदूषण का 40 प्रतिशत कारण सिर्फ पॉलिथीन है। प्रदेश में पॉलीथिन बनाना और बेचना दोनों बैन है, लेकिन इसके बाद भी खुलेआम पॉलिथीन का प्रयोग हो रहा है। तमाम अभियान चलाने के बावजूद पॉलीथिन का प्रयोग एक प्रतिशत भी नहीं घटा है।
उन्होंने गुरुग्राम के प्रदूषण की तुलना बिहार के मधुबनी जिले में अपने हाल के अनुभव से की, जहां वे चुनाव ड्यूटी पर थे और वहां पाया कि एक्यूआई सिर्फ 15 था। यह एक ऐसा लेवल जिसने उन्हें अपने बचपन के साफ नीले आसमान की याद दिला दी।



